बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 11 अक्टूबर को बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। यात्रा 13 अक्टूबर की देर रात सागर जिले के गढ़ाकोटा पहुंची। यहां बस स्टैंड परिसर में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया और श्रद्धालुओं ने रथयात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने नवरात्र और गरबा का जिक्र करते हुए कहा कि गरबा में कुछ लोग कालनेमि की तरह रूप बदलकर आते हैं। उन्होंने बेटियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा और सागर को लव जिहाद मुक्त होना चाहिए। साथ ही कहा कि वे लोगों को जागरूक कर सकते हैं, क्योंकि वे साधु हैं, नेता नहीं। शास्त्री के इस बयान में गरबा में शामिल होने वाले लोगों को लेकर लगाए गए आरोप उनके अपने विचार हैं। रहली बायपास पर हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्वागत मंचीय कार्यक्रम के बाद रथयात्रा रहली के लिए रवाना हुई। रहली बायपास पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा कड़ता गांव पहुंची। यहां धीरेंद्र शास्त्री ने एक बच्ची को झाड़ा लगाया और भभूति दी। रास्ते में कई जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया। रात करीब 1 बजे यात्रा ढाना पहुंची। यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। शराब छोड़ने और गांवों को नशामुक्त बनाने की अपील रथ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।” उन्होंने कहा कि हिंदुओं को एक-दूसरे के काम आना चाहिए। इस दौरान उन्होंने लोगों से शराब छोड़ने और अपने गांव को नशामुक्त बनाने की अपील भी की। इसके बाद यात्रा बम्होरी बीका पहुंची, जहां ग्रामीणों ने स्वागत किया। यात्रा बम्होरी चौराहा और आरटीओ रोड से होते हुए आगे बढ़ी। रात करीब 2:30 बजे रथयात्रा बालाजी मंदिर परिसर पहुंची। यहां दिव्य दरबार आयोजित किया गया और रथयात्रा ने रात्रि विश्राम किया। जेन-जी के प्रदर्शन पर बोले- युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार यात्रा के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रथयात्रा के जरिए कम समय में अधिक स्थानों तक पहुंचा जा रहा है। उन्होंने कहा, “तनातनी नहीं, सनातनी रहें और एक रहेंगे, नेक रहेंगे।” दिल्ली में जेन-जी के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। युवाओं को अपनी बात रखनी चाहिए, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि देश की छवि खराब न हो। आज मकरोनिया से बंडा पहुंचेगी यात्रा बालाजी मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम के बाद 14 अक्टूबर को सुबह 8 बजे पूजा-अर्चना, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ध्वजारोहण के बाद यात्रा आगे रवाना होगी। यात्रा मोतीनगर चौराहे से होते हुए ओम स्टील, रेलवे ब्रिज और भगवानगंज के रास्ते मकरोनिया पहुंचेगी। यहां रजाखेड़ी चौराहे पर स्वागत कार्यक्रम होगा। इसके बाद यात्रा बंडा के लिए रवाना होगी। कर्रापुर में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद यात्रा बंडा पहुंचेगी। प्रकाशन से पहले दो बातें जरूर जांचें: धीरेंद्र शास्त्री के बयानों को मूल वीडियो से मिलाएं, खासकर “पद यात्रा की सफलता ही रथयात्रा है” वाले कथन को। साथ ही, बच्ची को झाड़ा लगाने और भभूति देने वाले घटनाक्रम का विवरण भी स्रोत से सत्यापित कर लें।
