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एमपी के 7 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट:बालाघाट-डिंडौरी में अति भारी बारिश की चेतावनी; अगले 2-4 दिन में बाकी जिलों में पहुंचेगा मानसून

मध्य प्रदेश में इस बार पूरे जून महीने आंधी-बारिश का दौर रहा। इस दौरान कुल 88.2 मिमी यानी, 3.5 इंच पानी गिरा। हालांकि, ये सामान्य बारिश 131.1 मिमी (5.1 इंच) से 33 प्रतिशत कम है। इधर, मंगलवार को मानसून आगे बढ़ा और जबलपुर, भोपाल, रीवा और शहडोल संभाग के ज्यादातर जिलों में पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले 2 से 4 दिन में भोपाल, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के बाकी बचे जिलों में मानसून पहुंच जाएगा। इन जिलों में अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को बालाघाट और डिंडौरी में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और रतलाम में हल्की बारिश होने का अनुमान है। देखिए, मंगलवार को कहां-कैसा बदला मौसम… MP में बिजली गिरने से 3 की मौत, 4 झुलसे, बैतूल में 2 लोग बहे
प्रदेश में मानसून के एक्टिव होते ही आंधी-बारिश का दौर तेज हो गया है। मंगलवार को हरदा में बिजली गिरने से 32 वर्षीय किसान प्रदीप राठौर की मौत हो गई। खरगोन में भी बिजली की चपेट में आने से राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। वहीं, बैतूल के चुना गोसाई गांव में बिजली गिरने से सुखदेव यादव, उनकी पत्नी गीताबाई, बेटी संध्या और बेटा नैतिक झुलस गए। वहीं, बैतूल के चिचोली क्षेत्र में चंपा नदी उफान पर है। रपटे को पार करते समय सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले। बालाघाट में दोपहर 2 बजे के बाद तेज बारिश शुरू हुई। सतना और मैहर में सड़कों पर जलभराव हो गया। देवास में तेज बारिश के दौरान दो लड़कियां स्कूटी सहित नाले में गिर गईं, लेकिन लोगों ने दोनों को बचा लिया। सीहोर के इछावर में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। विरोध में कांग्रेस पार्षद जुनेद खान ट्यूब पर बैठकर पानी में उतरे और प्रदर्शन किया। डिंडोरी नगर पालिका के वार्ड-8 में नाली जाम होने से घुटनों तक पानी भर गया। घरों-दुकानों में पानी घुस गया। वहीं, मैहर जिले के अमरपाटन में बिजली ऑफिस के पास गीता साकेत के कच्चे मकान में भी घुटनों तक पानी भर गया। सतना में डेढ़ इंच बारिश, भोपाल-इंदौर समेत 23 जिलों में बरसे बादल मंगलवार को प्रदेश के 23 जिलो में बारिश रिकॉर्ड की गई। सतना में डेढ़ इंच पानी गिरा। वहीं, भोपाल, बैतूल, धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खरगोन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, बालाघाट, पांढुर्णा, सीहोर, शाजापुर, खरगोन, डिंडौरी, हरदा, मैहर में भी बारिश हुई। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 30.6 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री, ग्वालियर में 40 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री और जबलपुर में 32 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम बैतूल में 26.2 डिग्री रहा। सिवनी में 27 डिग्री, छिंदवाड़ा में 28.2 डिग्री, दमोह में 28.4 डिग्री, मलाजखंड में 28.5 डिग्री, खंडवा में 29.1 डिग्री, सागर में 29.2 डिग्री, मंडला-खरगोन में 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जून में कम, अब जुलाई से उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जुलाई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड
इंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 में हुई थी। वर्ष 1973 को पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है। भोपाल में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। भोपाल में बारिश के दिनों की बात करें तो जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है। यानी, हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री से कम रहता है। जबलपुर में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्ड
चारों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में करीब 45 इंच पानी बरसा था, जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल जुलाई में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है। ग्वालियर में 6 बार 8 इंच से कम बारिश
भोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 साल में 6 बार ऐसा हुआ, जब 8 इंच से कम पानी गिरा हो, जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है। ग्वालियर में वर्ष 1935 में महीने की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 623.3 मिमी यानी 24.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 12 जुलाई 2015 में 190.6 मिमी यानी साढ़े 7 इंच पानी बरसा था। ग्वालियर में जुलाई के महीने में एवरेज 11 दिन बारिश होती है। उज्जैन में जमकर होती है बारिश
प्रदेश के अन्य शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई में जमकर बारिश होती है। कोटे की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने हो जाती है।

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