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इजराइल पहुंची अमेरिकी फ्लाइट को बम की धमकी:कल इंडोनेशियाई पायलट के कारण विमान लौटाया; फ्लाईदुबई हादसे के बाद 11 देशों के पायलटों पर रोक

अमेरिका के न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को मंगलवार को बम की धमकी मिली। विमान खाली कराकर तलाशी ली गई, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। इससे एक दिन पहले इंडोनेशियाई पायलट के कारण इजराइल ने इथियोपियन एयरलाइंस के कार्गो विमान को उतरने की मंजूरी नहीं दी थी। पायलट बदलने के बाद विमान को अनुमति मिली। सितंबर में फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हादसे के बाद इजराइल ने सुरक्षा नियम सख्त कर 11 देशों के पायलटों और क्रू पर रोक लगा दी। इनमें अफगानिस्तान, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, नाइजर, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया और वेनेजुएला शामिल हैं। इन देशों के इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। GFX से समझें इथियोपिया की फ्लाइट का रूट कैसे बदला… विमान का ईंधन समुद्र के ऊपर गिराना पड़ा इथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट में सवार क्रू मेंबर्स की लिस्ट विमान के अदीस अबाबा से उड़ान भरने के बाद इजराइल को भेजी गई थी। यानी विमान के रवाना होने से पहले इजराइल को उसके क्रू की पूरी जानकारी नहीं मिली थी। विमान में उड़ान भरते समय काफी ईंधन था। पायलट को वापस अदीस अबाबा लौटना था, इसलिए विमान का वजन कम करने के लिए समुद्र के ऊपर ईंधन गिराया गया। इसके बाद पायलट को बदल दिया गया। नए पायलट को इजराइल में उतरने की मंजूरी मिलने के बाद विमान के दोबारा वहां जाने का रास्ता साफ हुआ। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में पायलट ने किया था हमला 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कई यात्रियों ने बीच में आकर उसे रोक दिया और विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। फ्लाइदुबई की फ्लाइट का रूट देखें… ईरान-पाकिस्तान के नागरिक भी आसानी से इजराइल आ रहे थे फ्लाईदुबई की घटना के बाद जांच में पता चला था कि दुश्मन देशों के सैकड़ों क्रू मेंबर पहले भी इजराइल आ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना था। इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने विदेशी एयरलाइंस के लिए नियम सख्त कर दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान, इराक, लेबनान और पाकिस्तान जैसे देशों की नागरिकता रखने वाले पायलट और दूसरे विमान कर्मचारी पिछले कुछ सालों में आसानी से इजराइल आ रहे थे। इजराइली मीडिया के मुताबिक, देश की सुरक्षा एजेंसियां कई सालों से विदेशी एयरलाइंस के कर्मचारियों की जांच में कमियों को लेकर चेतावनी दे रही थीं। उनका कहना था कि परिवहन मंत्रालय इजराइल आने वाली विदेशी एयरलाइंस और उनके क्रू मेंबर्स की पर्याप्त सुरक्षा जांच नहीं कर रहा था। इसके अलावा, विदेशी एयरलाइंस की ओर से संचालित इजराइली उड़ानों की जांच में भी कमियां थीं। इस पर परिवहन मंत्रालय ने कहा था कि उसके पास खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जरूरी तंत्र नहीं है। हमले के बाद इजराइल ने फ्लाईदुबई को पत्र भेजा था इजराइली न्यूज चैनल 12 के मुताबिक, फ्लाईदुबई हमले के अगले दिन इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को एक पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि विमान संचालक दुश्मन देशों के नागरिकों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में पायलट, क्रू मेंबर या यात्री के तौर पर सफर करने की अनुमति न दें। पत्र में कहा गया था कि मंत्रालय समय-समय पर जांच करेगा कि एयरलाइंस सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए जरूरी योजनाओं, उपायों और प्रक्रियाओं को लागू कर रही हैं या नहीं। इसके लिए मंत्रालय मौके पर जाकर भी जांच करेगा। दोहरी नागरिकता वाले क्रू मेंबर्स पर भी लागू नियम पत्र में विमान संचालकों को यह भी कहा गया था कि इजराइल के फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन में आने वाली उड़ानों में ऐसे पायलट या कॉकपिट क्रू मेंबर नहीं होने चाहिए, जो उन देशों के नागरिक हों जिनके इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह नियम उन लोगों पर भी लागू है जिनके पास ऐसे किसी देश की दोहरी नागरिकता है। यानी किसी व्यक्ति के पास दो देशों की नागरिकता होने पर भी यह नियम लागू होगा, अगर उनमें से एक देश के इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि वह इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच करे। इजराइल के 5 अरब देशों के साथ राजनयिक संबंध हैं इजराइल के करीब 30 मुस्लिम बहुल देशों से राजनयिक संबंध हैं। अगर सिर्फ अरब देशों की बात करें, तो इजराइल के 5 अरब देशों से राजनयिक संबंध हैं। 1. मिस्र: मिस्र ने 1979 में इजराइल के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ऐसा करने वाला वह पहला अरब देश बना। दोनों देशों के बीच सुरक्षा और सीमा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग होता है। 2. जॉर्डन: जॉर्डन ने 1994 में इजराइल के साथ शांति समझौता किया। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध हैं, लेकिन फिलिस्तीन के मुद्दे पर उनके बीच मतभेद भी रहे हैं। 3. संयुक्त अरब अमीरात (UAE): UAE ने 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए अब्राहम समझौते के तहत इजराइल के साथ संबंध सामान्य किए। इसके बाद दोनों देशों ने व्यापार, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया। 4. बहरीन: बहरीन ने भी अब्राहम समझौते के तहत राजनयिक संबंध शुरू हुए। हालांकि, फिलिस्तीन के मुद्दे पर बहरीन और इजराइल के बीच मतभेद बने हुए हैं। 5. मोरक्को: मोरक्को ने दिसंबर 2020 में इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने पर सहमति जताई। इसके बाद दोनों देशों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ा। इस समझौते में अमेरिका की भी अहम भूमिका थी। ————————– यह खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय को-पायलट पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। इससे प्लेन में मौजूद बाकी दो पायलटों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिल गया और उन्होंने इसे संभाल लिया। पूरी खबर पढ़ें…

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