इंदौर में शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी समेत हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया है। आरोप है कि ये गैंग, कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपए की डिमांड कर रहा था। मामले की मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन को बताया जा रहा है, जो 2019 के हनी ट्रैप केस में सजा काट चुकी है। उसे भी हिरासत में ले लिया गया है। फिलहाल, जांच जारी रहने की बात कहते हुए पुलिस जानकारी देने से इनकार कर रही है। डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी ने बताया कि बाणगंगा इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय हितेंद्र सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से उनकी जान-पहचान है। अलका अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि अलका ने कारोबारी की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए देवास, धार, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी बिजनेस में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। कारोबारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो आरोपितों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। 50 प्रतिशत साझेदारी करो, वरना अंजाम भुगतो फरियादी के मुताबिक कुछ समय पहले लाखन दोबारा मिला और धमकी भरे अंदाज में कहा कि अलका के साथ 50 प्रतिशत की साझेदारी करनी होगी, वरना परिणाम गंभीर होंगे। कारोबारी ने फिर भी उनकी बात नहीं मानी। करीब 20 दिन पहले कारोबारी किसी काम से सुपर कॉरिडोर क्षेत्र गया था। इसी दौरान अलका दीक्षित अपने बेटे जयदीप और लाखन के साथ वहां पहुंची। आरोप है कि तीनों ने कारोबारी के साथ मारपीट की और गोली मारने की धमकी दी। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे एक करोड़ आरोपियों ने कारोबारी को धमकाया कि यदि उसने साझेदारी और रकम नहीं दी तो उसके निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। गैंग ने एक करोड़ रुपए की मांग करते हुए कहा कि “ऐसा हाल करेंगे कि समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचोगे।” इसके बाद कारोबारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत मिलते ही अपराध शाखा ने गुपचुप तरीके से जाल बिछाया और सोमवार तड़के कार्रवाई कर अलका, उसके बेटे जयदीप और लाखन चौधरी को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया पुलिसकर्मी का नाम पूछताछ और मोबाइल जांच के दौरान मामले में बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा लगातार अलका के संपर्क में था। दोनों के बीच चैटिंग भी सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी के निजी वीडियो और फोटो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे थे। आरोप है कि विनोद ने ही अलका को कारोबारी पर दबाव बनाने और धमकाने की सलाह दी थी। सरकारी क्वार्टर से पकड़ा गया प्रधान आरक्षक एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया की टीम ने प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा को राजेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास से हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान उसके बेटे ने पुलिस से विवाद भी किया। पुलिस ने विनोद का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है। विनोद शर्मा पहले क्राइम ब्रांच, चंदन नगर और अन्नपूर्णा थाने में पदस्थ रह चुका है। फिलहाल वह इंटेलिजेंस शाखा में कार्यरत था। शराब तस्करी से ड्रग नेटवर्क तक पहुंची अलका पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अलका दीक्षित पर 17 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले शराब तस्करी से जुड़ी थी, लेकिन बाद में ड्रग कारोबार में भी सक्रिय हो गई। पुलिस को आशंका है कि अलका और उसके साथी लंबे समय से लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर उगाही कर रहे थे। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है। कब क्या हुआ
