इंदौर में आगामी गर्मियों में संभावित जलसंकट को देखते हुए नगर निगम ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस साल कम बारिश होने के कारण गर्मियों में पानी की किल्लत की आशंका है। शनिवार को नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के साथ वन-टू-वन चर्चा की गई। बैठक में पानी की समस्या वाले वार्डों में जलापूर्ति बेहतर करने और संभावित जलसंकट से निपटने के उपायों पर मंथन किया गया। दरअसल, इस साल इंदौर में कम बारिश हुई है। ऐसे में आने वाली गर्मियों में जलसंकट की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए नगर निगम अभी से कार्ययोजना तैयार कर रहा है, ताकि गर्मियों में लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। पानी की समस्या वाले 20 से 21 वार्ड प्राथमिकता में एमआईसी सदस्य और जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा ने बताया कि पिछले साल शहर के बाहरी क्षेत्रों के करीब 20 से 21 वार्डों में पानी की अधिक समस्या सामने आई थी। इन वार्डों को प्राथमिकता में रखा गया है। संबंधित वार्डों के पार्षदों और अधिकारियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर आगामी गर्मियों के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें वार्डवार पानी की समस्या और उसके समाधान के संभावित उपायों पर चर्चा हुई। बाणड़दा सहित सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष फोकस अभिषेक शर्मा ने बताया कि शहर के सीमावर्ती क्षेत्रों में बाणड़दा, पालदा, मूसाखेड़ी, द्वारकापुरी और अहिरखेड़ी सहित उन इलाकों पर विशेष चर्चा की गई, जहां पिछले साल पानी की अधिक समस्या सामने आई थी। अधिकारियों और पार्षदों से क्षेत्रवार समस्याओं की जानकारी लेकर उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जल वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य सीमित जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक पानी पहुंचाना है।
