इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में मंगलवार को चलित भंडारा होगा। 80 हजार से ज्यादा भक्तों के लिए प्रसाद तैयार किया जा रहा है। प्रसाद में पूड़ी, नुक्ती, भजिए और रामभाजी तैयार की जा रही है। खास बात यह है कि भंडारा चलित रहेगा। पैकेट में भक्तों को प्रसादी वितरित की जाएगी। भक्त इस प्रसाद को अपने साथ घर भी ले जा सकेंगे। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। हनुमान जन्मोत्सव के बाद आने वाले मंगलवार को भंडारा किया जाता है। यह परंपरा सालों से चली आ रही है। मंदिर परिसर के ग्राउंड में पहले बैठाकर प्रसाद परोसा जाता था, मगर लोगों की भीड़ और व्यवस्थाओं को देखते हुए पिछले कुछ सालों से यहां की व्यवस्था में बदलाव किया गया है और इसे चलित कर दिया गया है। जल्द से जल्द मिल सकेगी प्रसादी चलित भंडारा होने से भक्तों की लंबी लाइन नहीं लगेगी। चलित भंडारे में महिलाओं-पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। चलित व्यवस्था होने से भक्तों को भी प्रसाद लेने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासबात यह रहेगी कि भक्त प्रसाद के अपने साथ घर भी ले जा सकेंगे। चलित व्यवस्था होने से जल्द से जल्द प्रसादी मिल सकेगी। पैकेट में मिलेगा प्रसाद लाइन में लगने के बाद परिसर में आने पर भक्तों को प्लेट वाला पैकेट दिया जाएगा। यहां से आगे बढ़ते हुए अलग-अलग काउंटरों पर भक्तों को पूड़ी, रामभाजी, नुक्ती-भजिए का प्रसाद प्लेट में दिया जाएगा। पैकेट पर ढक्कन भी रहेगा, जिसे भक्त पैक करके अपने घर भी ले जा सकेंगे या फिर बाहर खड़े होकर खा भी सकेंगे। दर्शन के लिए अलग व्यवस्था तत् मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि भंडारे में आने वाले और बाबा के दर्शन करने आने वाले भक्तों के लिए अलग-अलग व्यवस्था रखी गई है। मंदिर में रणजीत लोक का काम चल रहा है, जिसकी वजह से मंदिर का मुख्य गेट बंद है, लेकिन भंडारे के लिए मुख्य गेट को खोल दिया गया है, ताकि दर्शन करने आने वाले भक्त मेन गेट से आकर दर्शन कर वापस लौट सकें, जबकि भंडारे में आने वाले भक्त ही मंदिर परिसर के ग्राउंड में आ सकें। इससे भक्तों को भी परेशानी नहीं होगी। 80 क्विंटल आटे से तैयार होगी पुड़ी पं. व्यास ने बताया कि लगभग 80 हजार भक्तों के लिए भोजन प्रसादी तैयार की जाएगी। प्रसादी में पूड़ी, रामभाजी, नुक्ती व भजिए का प्रसाद दिया जाएगा। इसे तैयार करने में 80 क्विंटल आटा, 15 क्विंटल बेसन, 90 डिब्बे शुद्ध घी और 200 डिब्बे मूंगफली के तेल का इस्तेमाल किया जाएगा। सोमवार को भट्टी पूजन के साथ नुक्ती बनाने का काम शुरू हो गया है।
