इंदौर के अद्वैत उपाध्याय को लापता हुए 9 दिन हो चुके हैं। अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। शिवगंगे पहाड़ियों में 100 घंटे से ज्यादा चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस और प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया है। अब जांच पूरी तरह टेक्निकल और दूसरे संभावित एंगल पर केंद्रित कर दी गई है। अद्वैत की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, फोरेंसिक और अन्य एजेंसियों के 100 से ज्यादा लोग जुटे थे। ड्रोन से पहाड़ी क्षेत्र की निगरानी की गई। खतरनाक चट्टानों पर तलाश के लिए कर्नाटक के चर्चित पर्वतारोही ज्योति राज उर्फ ‘स्पाइडर मैन’ की टीम को भी बुलाया गया। दो दिन की सर्चिंग के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली। अब टेक्निकल जांच पर फोकस पुलिस के मुताबिक साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें अद्वैत के मोबाइल, सिम, कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों को खंगाल रही हैं। जांच के दायरे में कई मोबाइल नंबर और कुछ लोगों की लोकेशन भी आई है। पुलिस अब इस संभावना को भी गंभीरता से देख रही है कि मामला सिर्फ आत्महत्या का नहीं है और अद्वैत के गायब होने के पीछे कोई दूसरा कारण हो सकता है। अब सुसाइड से आगे इसलिए बढ़ी जांच
शुरुआती जांच में अद्वैत की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री से पुलिस को ऐसे संकेत मिले थे, जिनके आधार पर पहाड़ी से गिरने के बाद मौत और उससे जुड़े सवालों को सर्च किए जाने की बात सामने आई थी। इसी वजह से पुलिस ने आत्महत्या की आशंका को एक एंगल माना था लेकिन पहाड़ी पर इतने बड़े स्तर पर सर्चिंग के बावजूद नहीं अद्वैत मिले और न ही ऐसा कोई निर्णायक सुराग मिला, जिससे आत्महत्या की आशंका की पुष्टि हो सके। साइबर एक्सपर्ट्स खंगाल रहे डिजिटल फुटप्रिंट रेस्क्यू ऑपरेशन बंद होने के बाद पुलिस ने अब जांच का बड़ा हिस्सा साइबर और तकनीकी टीमों को सौंप दिया है। पुलिस की साइबर टीमें इन डिजिटल कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि 7 अगस्त को पहाड़ी पहुंचने के बाद अद्वैत की गतिविधियां क्या थीं। मंगेतर समेत अन्य लोगों की भी जांच अद्वैत ने अपनी मंगेतर को शिवगंगे पहाड़ियों पर ट्रेकिंग के लिए जाने की जानकारी दी थी। अब पुलिस उनकी मंगेतर से मिली जानकारी को भी जांच के दूसरे तथ्यों से मिलाकर देख रही है। जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अद्वैत के रवाना होने से पहले और बाद में उनकी किन लोगों से बातचीत हुई थी। इसके साथ ही कुछ लोगों की लोकेशन और मोबाइल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया है और न ही किसी के खिलाफ अपराध साबित होने की बात कही है। यह जांच का हिस्सा है। ‘स्पाइडर मैन’ भी दो दिन तलाशते रहे, फिर भी खाली हाथ अद्वैत को खोजने के लिए कर्नाटक के चर्चित पर्वतारोही ज्योति राज उर्फ कोठी राज को बुलाया गया था। ज्योति राज पांच लोगों की टीम के साथ शिवगंगे पहुंचे। टीम ने रस्सियों के सहारे शांताला ड्रॉप और आसपास की खड़ी चट्टानों पर दो दिन तक सर्चिंग की। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी पहाड़ी के उन हिस्सों को खंगाला गया, जहां सामान्य टीमों के लिए पहुंचना मुश्किल था। बावजूद इसके अद्वैत का कोई सुराग नहीं मिला। 100 घंटे की सर्चिंग में भी नहीं मिला कोई क्लू केस में अब तक अहम कड़ियां अद्वैत के गायब होने से अब तक घटनाक्रम
