इंदौर-उज्जैन समेत मध्य प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को अति भारी या भारी बारिश की संभावना है। बड़वानी और खंडवा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच पानी गिर सकता है। IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, पांढुर्णा में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में तेज बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश के सभी जिलों में बारिश होगी। इंदौर में सवा दो इंच बारिश, भोपाल में डेढ़ इंच गिरा पानी
पूरे प्रदेश में मानसून एक्टिव है। इसके चलते यह जमकर बरस रहा है। बीते 9 घंटे में 25 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में सबसे ज्यादा 2 इंच पानी गिर गया। मंडला में पौने 2 इंच, भोपाल में डेढ़ इंच, बालाघाट में सवा इंच, बैतूल, नर्मदापुरम, दतिया, रतलाम-शिवपुरी में पौन इंच, दमोह, धार और पचमढ़ी में आधा इंच पानी गिरा। छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, गुना, ग्वालियर, रायसेन में भी बारिश हुई। इधर, दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। भोपाल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री पर आ गया। इंदौर में 30 डिग्री, ग्वालियर में 33.6 डिग्री, उज्जैन में 32 डिग्रीऔर जबलपुर में 28.3 डिग्री रहा। मलाजखंड में सबसे कम 25.5 डिग्री दर्ज किया गया। नरसिंहपुर, सागर, दमोह, रायसेन, मंडला, छिंदवाड़ा, गुना, धार, बैतूल में तापमान 30 डिग्री से कम ही रहा। उज्जैन में शिप्रा किनारे मंदिर डूबे, सहायक सचिव बहा
शुक्रवार को भोपाल में सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन और आसपास के इलाकों में बीती रात तेज पानी गिरा। इससे शिप्रा नदी के घाट पर कई मंदिर पानी में डूब गए। वहीं, गांवड़ी लोढ़ा गांव में सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा बाइक समेत खंती में बह गए। इससे पहले जगोटी गांव में तेज बहाव के बीच पुलिया पार करने की कोशिश में केशु आंजना मोटरसाइकिल समेत बह गया। हालांकि, कुछ दूर पेड़ की टहनियों को पकड़कर वह पानी से बाहर आ गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। इंदौर के अहीरखेड़ी में बुधवार रात को बहे महेश चौहान का शव करीब 36 घंटे बाद सिरपुर तालाब में मिला। पांढुर्णा में बारिश के चलते नदी किनारे बने 5 कच्चे मकान ढह गए। नदी के तेज बहाव में 3 बकरियों समेत घरेलू सामान बह गया। खरगोन के कसरावद इलाके में शुक्रवार सुबह 2 घंटे तक तेज बारिश हुई। सड़कों और खेतों में पानी भर गया। बालाघाट के 12 से ज्यादा वार्डों में जलभराव की स्थिति बन गई। ग्वालियर में भी शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई। रतलाम में शिवपुर गांव के खेतों में पानी भर गया। शुक्रवार को मौसम और उसके असर की तस्वीरें… प्रदेश में अब तक 13% बारिश कम
प्रदेश में इस बार पूरे जून मूहीने आंधी-बारिश का दौर रहा। वहीं, 3 जुलाई को भी कई जिलों में तेज पानी बरसा। इसके चलते अब तक कुल 135.3 मिमी यानी, 5.3 इंच पानी गिर चुका है। हालांकि, ये सामान्य बारिश 156.1 मिमी (6.2 इंच) से 13 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 8 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है। जून में कम, अब जुलाई से उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जुलाई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड
इंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 में हुई थी। वर्ष 1973 को पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है। भोपाल में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। भोपाल में बारिश के दिनों की बात करें तो जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है। यानी, हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री से कम रहता है। जबलपुर में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्ड
पांचों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में करीब 45 इंच पानी बरसा था, जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल जुलाई में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है। ग्वालियर में 6 बार 8 इंच से कम बारिश
भोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 साल में 6 बार ऐसा हुआ, जब 8 इंच से कम पानी गिरा हो, जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है। ग्वालियर में वर्ष 1935 में महीने की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 623.3 मिमी यानी 24.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 12 जुलाई 2015 में 190.6 मिमी यानी साढ़े 7 इंच पानी बरसा था। ग्वालियर में जुलाई के महीने में एवरेज 11 दिन बारिश होती है। उज्जैन में जमकर होती है बारिश
प्रदेश के अन्य शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई में जमकर बारिश होती है। कोटे की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने हो जाती है।
