ग्वालियर के कंपू थाने में पदस्थ आरक्षक वीरभान सिंह के नाम से दो वॉटसएप कॉल रिकॉर्डिंग रविवार रात को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन रिकॉर्डिंग में तीन ट्रैक्टर संचालित करने वाला ऑपरेटर अभिषेक कुशवाह ट्रैक्टर निकलवाने के लिए आरक्षक से रुपए की बात करता सुनाई दे रहा है। वह बार-बार आरक्षक से पूछता है कि कितने रुपए देने पड़ेंगे, ताकि उसके ट्रैक्टर नहीं रोके जाएं। हालांकि, दोनों रिकॉर्डिंग में आरक्षक अपनी तरफ से रुपए की कोई मांग नहीं करता। वह ऑपरेटर को थाने आकर मिलने की बात कहता दिख रहा है। दो बार हुई बातचीत, ऑपरेटर लगातार मांगता रहा रेट वायरल ऑडियो में अभिषेक और आरक्षक के बीच दो बार बातचीत हुई। दोनों ही बार कॉल अभिषेक की तरफ से किया गया था। पहली कॉल करीब 1 मिनट 36 सेकंड और दूसरी कॉल 2 मिनट 33 सेकंड की बताई जा रही है। बातचीत के दौरान अभिषेक आरक्षक को याद दिलाता है कि दो दिन पहले उसने उसका ट्रैक्टर रोका था, जिस पर पीछे कुशवाह लिखा था। उसने कहा कि ट्रैक्टर चालक ने आप (आरक्षक) से बात करने के लिए कहा था। अब वह इसी सिलसिले में फोन कर रहा है। रिकॉर्डिंग में अभिषेक लगातार आरक्षक से रुपए बताने पर जोर देता सुनाई दे रहा है। वह कहता है कि उसके तीन ट्रैक्टर चलते हैं और वह नहीं चाहता कि बार-बार ट्रैक्टर रोके जाएं। इसी बात को लेकर वह आरक्षक से पूछता है कि क्या करना पड़ेगा और कितने रुपए देने होंगे। दूसरी कॉल में भी वह इसी मुद्दे को दोहराता है। इसके बावजूद आरक्षक अपनी तरफ से कोई रकम नहीं बताता और अभिषेक को थाने आकर मिलने के लिए कहता रहता है। सीसीटीवी फुटेज देखने में व्यस्त होने का दिया हवाला दूसरी रिकॉर्डिंग में आरक्षक दुर्घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में व्यस्त होने की बात कहता है। इसके बाद वह फोन काट देता है। बातचीत में अभिषेक लगातार ट्रैक्टर नहीं रोकने और रुपए की बात स्पष्ट करने का आग्रह करता है, लेकिन आरक्षक उसे थाने आकर मिलने की बात पर ही अड़ा रहता है। ऑडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल, जांच के बाद साफ होगी तस्वीर दोनों ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों और ट्रैक्टर ऑपरेटरों के बीच कथित लेनदेन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल रिकॉर्डिंग में आरक्षक की तरफ से रुपए मांगने की बात स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती। पर वह यह जरूर कह रहा है कि साहब का भी रहता है। थाना आकर मिलो वहीं बात करेंगे। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि बातचीत किस संदर्भ में हुई थी और ट्रैक्टर किस कारण रोके गए थे। ऑडियो की प्रामाणिकता, पूरी बातचीत और उसके पीछे की परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। आरक्षक ने रिसीव नहीं किया कॉल इस मामले में जब आरक्षक वीरभान सिंह को कॉल किया गया तो उनका कॉल ही नहीं लगा। इसके बाद उन्हें वॉटसएप पर मैसेज किए गए पर उसका भी कोई जवाब नहीं आया है। कंपू टीआई अतुल सोलंकी ने कहा- मेरी जानकारी में मामला आया है। जांच कर रहे हैं। जब आरक्षक से पूछा गया तो उसका कहना है कि मेरा वॉटसएप अकाउंट अभी चालू ही नहीं है। यह ऑडियो उसका नहीं है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
