ऑडियो-1: “इसका यह वीडियो देख ले तू। मैंने तुझे भेज दिया है, फिर मत कहना कि बताया नहीं।” ऑडियो-2: “तू देख, इसके वीडियो… थूथरो खोल (चेहरा खोल) नाच रही है। कल फिर नग्न होकर नाचेगी। चुपचाप यह वीडियो देख ले। मैंने तुझे भेज दिया है, फिर मत कहना कि इसका जिम्मेदार कौन होगा।” ये दोनों ऑडियो बलराम ने अपनी पत्नी रविता के फूफा श्रीकृष्ण कुशवाहा को भेजे थे। इसके साथ उसने रविता का भगवत कथा के दौरान डांस करते हुए वीडियो भी भेजा था। वीडियो को लेकर वह इतना आक्रोशित था कि बातचीत में लगातार गाली-गलौज भी कर रहा था। श्रीकृष्ण कुशवाहा के अनुसार, बलराम ने उन्हें 22 से अधिक बार कॉल किए, लेकिन उन्होंने यह सोचकर फोन नहीं उठाया कि फिलहाल माहौल गर्म है, बाद में बात करके उसे समझा लेंगे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतनी बड़ी घटना में बदल जाएगा। दैनिक भास्कर के हाथ इस मामले से जुड़े कुछ अहम ऑडियो लगे हैं। पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए टीम ने मृतकों के परिजनों, रिश्तेदारों और परिचितों से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पति ने पत्नी और दो मासूम बेटों की कुल्हाड़ी से हत्या की मुरैना के माता बसैया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में 27 जून (शनिवार) की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव निवासी बलराम कुशवाह (35) के घर के आंगन में उसकी पत्नी और दो बेटों के शव पड़े मिले। पास में खून से सनी कुल्हाड़ी भी पड़ी थी, जिससे आशंका जताई गई कि तीनों की धारदार हथियार से हत्या की गई है। मृतकों की पहचान रविता कुशवाह (32), बेटे आरव (8) और देवू (5) के रूप में हुई। घटना के बाद बलराम घर से गायब था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो कुछ घंटे बाद उसका शव शिकारपुर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसकी मौत ट्रेन से कटने से हुई। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि पत्नी और दोनों बेटों की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि बलराम ने ही की थी। तीनों की हत्या करने के बाद वह रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक, एफएसएल टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान रविता के डांस करने को लेकर बलराम नाराज था। पुलिस इसी एंगल सहित अन्य सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है। 3 मिनट 30 सेकेंड का वह वीडियो… जिसने उजाड़ दिया पूरा परिवार किशनपुर गांव के नरसिंह मंदिर में 1 से 7 जून तक सामूहिक पंचायती भागवत कथा का आयोजन हुआ था। दिन में भागवत कथा और शाम को महिलाओं की भजन संध्या होती थी। इसी दौरान एक दिन महिलाओं के कहने पर रविता ने “पीकर शंकर जी की बूटी” गाने पर डांस किया। किसी ने इसका 3 मिनट 30 सेकेंड का वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया। एक युवक ने उससे कहा था, “भाभी अच्छा डांस करती हैं।” वीडियो देखते ही बलराम आगबबूला हो गया। रविता के घर पहुंचते ही उसने उसका मोबाइल छीन लिया और मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर घर के बाहर सो रही उसकी मां रामकली दौड़कर भीतर पहुंचीं और किसी तरह बीच-बचाव कर बेटे को शांत कराया। उस दिन तो मामला शांत हो गया, लेकिन अगले दिन फिर विवाद हुआ और बलराम ने रविता की पिटाई कर दी। इसके बाद रविता ने अपने पिता मलखान कुशवाह को फोन कर बुलाया और उनके साथ मायके चली गई। करीब 14 दिन बाद बलराम ससुराल पहुंचा। उसने माफी मांगी और 24 जून को रविता व दोनों बच्चों को वापस घर ले आया। डांस की तीन तस्वीरें देखिए…जो हत्या की वजह बनीं मां बोलीं- काश उस रात मैं बाहर नहीं सोती, तो परिवार बच जाता बलराम की मां रामकली कुशवाह अब भी सदमे में हैं। वह सहारे के बिना खड़ी तक नहीं हो पा रही हैं। दैनिक भास्कर की टीम जब उनके घर पहुंची तो दो लोग उन्हें सहारा देकर बाहर लाए। रामकली ने बताया, “मैं ज्यादातर घर के बाहर बरामदे में सोती थी। सुबह दूध वाला आता था तो बहू को आवाज लगाती थी। आमतौर पर बहू उससे पहले उठकर गेट खोल देती थी, लेकिन उस दिन गेट नहीं खुला।” “पहले मैंने आवाज लगाई। जब कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजे के पास जाकर खटखटाया। फिर भी कोई नहीं बोला तो दरवाजे की दरार से अंदर झांका। अंदर का मंजर देखकर मेरे होश उड़ गए। दोनों पोते देवू और आरव खून से लथपथ खाट पर पड़े थे।” “मैंने पड़ोसियों को आवाज दी। वे बाउंड्री फांदकर अंदर पहुंचे और दरवाजा खोला। अंदर गई तो बहू रविता भी खून से लथपथ पड़ी थी। पास में खून से सनी कुल्हाड़ी रखी थी। तीनों की उसी कुल्हाड़ी से हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।” रविता को लेकर शक बलराम के दिमाग में घर कर गया था रविता के फूफा श्रीकृष्ण कुशवाह ने बताया कि 17 जून को बलराम ने रविता का डांस वाला वीडियो उनके मोबाइल पर भेजा था। वीडियो भेजने के बाद उसने कॉल और मैसेज कर कहा, “मैं इसे नहीं रखूंगा… मेरा तलाक करा दो।” उन्होंने बताया कि इसके बाद बलराम ने उन्हें 22 से अधिक बार फोन किए। उन्होंने सोचा कि फिलहाल मामला गर्म है, इसलिए बाद में समझाएंगे। पिछले ढाई महीने से पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। वीडियो मिलने के बाद बलराम और अधिक उग्र हो गया था। श्रीकृष्ण ने बताया, “मैंने रविता के पिता को फोन कर बेटी को कुछ दिन मायके में ही रखने की सलाह दी थी। मुझे अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी वारदात कर देगा।” उन्होंने कहा, “बलराम कम बोलने वाला व्यक्ति था। कई बार दोनों के बीच समझौता कराया गया, लेकिन कुछ दिन बाद फिर विवाद शुरू हो जाता था। वह पुणे में टाइल्स मिस्त्री का काम करता था। इसके बाद बैंगलुरू चला गया था। करीब ढाई महीने पहले गांव आया था और वापस काम पर नहीं लौटा। रविता को लेकर उसके मन में बैठा शक धीरे-धीरे जुनून बन गया था।” पिता बोले- कहता था, बेटी को ले जाओ… नहीं तो मार दूंगा रविता के पिता मलखान कुशवाह ने बताया, “बलराम के सिर पर जैसे सनक सवार थी। वह हमेशा बेटी पर शक करता था। भागवत कथा में सिर्फ रविता ने नहीं, दूसरी महिलाओं ने भी नृत्य किया था। किसी महिला के कहने पर उसने अकेले डांस किया था। वहीं किसी ने वीडियो बनाकर बलराम को भेज दिया।” उन्होंने बताया, “वीडियो देखने के बाद उसने रविता की पिटाई की और मुझे फोन कर कहा- अपनी बेटी को ले जाओ। अगले दिन फिर मारपीट की और धमकी दी कि अगर उसे नहीं ले गए तो जान से मार दूंगा।” “मैं रिश्तेदारों के साथ पहुंचा और बेटी व दोनों बच्चों को मायके ले आया। 23 जून को बलराम रिश्तेदारों के साथ आया। उसने माफी मांगी और भरोसा दिया कि अब रविता को परेशान नहीं करेगा। उसके कहने पर हमने बेटी को वापस भेज दिया। घर लौटने के तीसरे दिन उसने पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या कर दी।” मलखान ने बताया, “घटना वाले दिन रविता के फूफा श्रीकृष्ण का फोन आया। उन्होंने कहा- तुरंत किशनपुर पहुंचो। बलराम ने रविता और दोनों बच्चों को कुल्हाड़ी से काट दिया है। मैं जिस हालत में था, उसी हालत में दौड़ पड़ा। वहां पहुंचा तो सब कुछ खत्म हो चुका था। उसने वही किया, जिसकी धमकी देता था।” बच्चों के गले पर दो-दो, पत्नी पर चार वार फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि बलराम ने दोनों बेटों के गले पर दो-दो वार किए, जबकि पत्नी रविता के गले पर कुल्हाड़ी से चार वार किए। शुरुआती वार उस समय किया गया, जब वह खाट पर सो रही थी। इसके बाद जमीन पर गिरने पर भी उसने हमला जारी रखा। बलराम महाराष्ट्र के पुणे में टाइल्स मिस्त्री का काम करता था। रविता दोनों बच्चों और सास रामकली के साथ गांव में रहती थी। करीब तीन महीने पहले ही वह पुणे से गांव लौटा था। थाना प्रभारी बोले- दिल दहला देने वाला मंजर था माता बसैया थाना प्रभारी एसआई विवेक तोमर ने बताया, “घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था। सूचना मिली थी कि बलराम पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर फरार हो गया है। मौके पर पहुंचे तो दोनों मासूम खाट पर पड़े थे, जबकि रविता का शव कुछ दूरी पर औंधे मुंह पड़ा था। पास में खून से सनी कुल्हाड़ी मिली।” उन्होंने बताया कि पुलिस बलराम की तलाश कर रही थी। इसी दौरान जीआरपीएफ से सूचना मिली कि उसने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। संबंधित खबर देखें… पत्नी के डांस से नाराज था…दो बेटों समेत काट डाला, हत्या के बाद ट्रेन से कटा मुरैना जिले के किशनपुर गांव में शुक्रवार देर रात 35 वर्षीय बलराम सिंह कुशवाहा ने पत्नी और दो बेटों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। फिर शिकारपुर रेलवे फाटक पहुंचा और ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। बसैया थाना प्रभारी विवेक तोमर ने बताया कि वारदात घर के आंगन में हुई। घर चारों ओर से ऊंची बाउंड्री से घिरा हुआ है। पूरी खबर पढ़ें
