Homeमध्यप्रदेशअब शहीद की पत्नी और माता-पिता को मिलेंगे 50-50 लाख:सहायता राशि में...

अब शहीद की पत्नी और माता-पिता को मिलेंगे 50-50 लाख:सहायता राशि में सरकार ने किया परिवर्तन; पुलिस स्मृति दिवस पर CM ने की घोषणा

मध्यप्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलने वाली एक करोड़ रुपए की सहायता राशि अब सिर्फ पत्नी को नहीं, बल्कि उनके बुजुर्ग माता-पिता को भी दी जाएगी। सरकार ने सहायता राशि का 50% शहीद की पत्नी और 50% उनके बुजुर्ग माता-पिता को देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। 35 साल पुराने नक्सलवाद से बाहर आया मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का 35 साल पुराने नक्सलवाद के दंश से बाहर आना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने इस चुनौती पर विजय प्राप्त की है। इस लड़ाई में पुलिस जवानों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया और अपने प्राणों की आहुति भी दी। एक साल में 9 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शहीद पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच मध्यप्रदेश पुलिस के 9 अधिकारी-कर्मचारी कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, समर्पण और त्याग का संकल्प है। शहीदों के परिवार पुलिस परिवार का हिस्सा हैं और उनका ध्यान रखना पुलिस विभाग की नैतिक जिम्मेदारी है। नक्सल विरोधी अभियान में आशीष शर्मा का बलिदान याद किया डीजीपी ने हॉक फोर्स के दिवंगत निरीक्षक आशीष शर्मा के बलिदान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आशीष शर्मा लंबे समय तक बालाघाट के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहे और कई मुठभेड़ों में वीरता और सूझबूझ का परिचय दिया। उनके बलिदान के बाद मध्यप्रदेश पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियानों को और गति दी। डीजीपी के मुताबिक, वर्ष 2025 नक्सल विरोधी अभियानों की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। मानसून के दौरान भी अभियान जारी रहे। इसी वर्ष सबसे अधिक मुठभेड़ और आत्मसमर्पण हुए। इस दौरान 110 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए गए। दिवंगत निरीक्षक आशीष शर्मा के भाई को अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई है। 11 दिसंबर 2025 को नक्सल मुक्त राज्य बना मध्यप्रदेश डीजीपी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस ने कार्ययोजना तैयार कर अभियान चलाया। उनके अनुसार, मध्यप्रदेश 11 दिसंबर 2025 को देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बना। नक्सलवादी हमलों में 38 जवान और 58 नागरिकों की मौत डीजीपी ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने बड़ी चुनौती रहा। मध्यप्रदेश में नक्सलवादी हमलों में 38 सुरक्षा जवानों और 58 नागरिकों ने जान गंवाई। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस अधिकारियों और जवानों के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर गुजरात के केवड़िया में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। डीजीपी के मुताबिक, इसकी थीम ‘नक्सलमुक्त भारत’ रखी गई है। मध्यप्रदेश हॉक फोर्स की टुकड़ी और बैंड भी इसमें हिस्सा लेंगे। मध्य प्रदेश पुलिस के नौ शहीद पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आज याद किया गया साइबर अपराध, ड्रग्स और सोशल मीडिया नई चुनौती डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस के सामने अब साइबर अपराध, नारकोटिक्स और डिजिटल-सोशल मीडिया से जुड़ी चुनौतियां हैं। इनसे निपटने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस नई तकनीक और प्रशिक्षण पर जोर दे रही है। आम लोगों को जागरूक करने के लिए ‘नशे से दूरी है जरूरी’ और ‘सेफ क्लिक’ जैसे अभियान चलाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक 18 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती कर चुकी है। पुलिस बल को मजबूत करने के लिए भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा तैयारियां जारी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि उज्जैन में होने वाला यह आयोजन पुलिस के लिए एक बड़े आयोजन की तरह होगा। इसकी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सुरक्षा प्रबंधन में तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस विभाग में 22,500 पद भरने की घोषणा मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में भर्ती को लेकर कहा कि 18,500 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया है। अगले दो साल में विभाग के सभी 22,500 रिक्त पद भरे जाएंगे। अगले साल तक हर जिले में पुलिस बैंड की व्यवस्था के लिए 750 पदों पर भर्ती की जाएगी। 21 अक्टूबर 1959 की घटना से जुड़ा है पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हुए थे। उन्हीं के बलिदान की स्मृति में देशभर में पुलिस स्मृति दिवस आयोजित किया जाता है। बुधवार को लाल परेड मैदान में आयोजित समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके बलिदान को याद किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डीजीपी ने भी कहा कि पुलिस सेवा त्याग और समर्पण का संकल्प है तथा शहीदों के परिवारों का ध्यान रखना पूरे पुलिस विभाग की जिम्मेदारी है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here