मध्यप्रदेश के मंडला में 20 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले फॉरेस्ट विभाग के क्लर्क श्वेतांक चौरसिया के घर बुधवार सुबह जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने छापा मारा। कार्रवाई में अब तक करीब 2.48 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति मिलने की जानकारी सामने आई है। EOW के अनुसार, चौरसिया की वैधानिक आय लगभग 55-60 लाख रुपए आंकी गई है, जबकि बरामद संपत्तियां उससे कई गुना अधिक हैं। मकान, दुकान, नकदी और जेवर मिले तलाशी में एक मकान, दुकान, नकद राशि, सोना-चांदी और वाहन मिले हैं। प्रारंभिक मूल्यांकन में मकान की कीमत लगभग 1.50 करोड़ रुपए और दुकान की कीमत करीब 51.50 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा 5 लाख रुपए नकद, 85 ग्राम सोने के आभूषण, 2.8 किलोग्राम चांदी के आभूषण, घरेलू सामान और इंटीरियर तथा वाहन भी बरामद किए हैं। आय से 290 गुना अधिक संपत्ति का संदेह EOW ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने पर चौरसिया के खिलाफ गोपनीय जांच शुरू की थी। जांच में उनका व्यय ज्ञात आय से करीब 290 प्रतिशत अधिक पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी में मिली संपत्तियों के अंतिम मूल्यांकन के बाद यह अंतर और बढ़ सकता है। 14 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई जबलपुर EOW की 14 सदस्यीय टीम सुबह मंडला के राज राजेश्वरी वार्ड स्थित चौरसिया के आवास पहुंची। कार्रवाई में दो डीएसपी, इंस्पेक्टर, हवलदार और अन्य अधिकारी शामिल रहे। स्थानीय प्रशासन की ओर से मेडिकल टीम, राजपत्रित गवाह और सुरक्षा बल भी मौजूद रहे। EOW ने मंडला न्यायालय से तलाशी वारंट लेकर यह कार्रवाई की। बैंक खाते और लॉकर की जांच जारी
EOW को श्वेतांक चौरसिया और उनके परिजनों के नाम से 5 बैंक खाते संचालित होने की जानकारी मिली है। खातों में जमा राशि, एफडी और संभावित बैंक लॉकर की जांच की जा रही है। बैंक लॉकर अभी खोला जाना बाकी है। पत्नी के नाम ब्यूटी पार्लर की भी जांच तलाशी के दौरान चौरसिया की पत्नी के नाम से संचालित ब्यूटी पार्लर की जानकारी भी सामने आई। EOW यह जांच कर रही है कि इस व्यवसाय की सूचना शासन को दी गई थी या नहीं। टीम को मौके पर इससे संबंधित आयकर रिटर्न और अन्य पंजीयन दस्तावेज नहीं मिले। दुकान खरीद में नकद भुगतान की आशंका EOW को संदेह है कि करीब 51.50 लाख रुपए कीमत वाली दुकान के सौदे में बड़ी मात्रा में नकद भुगतान किया गया हो सकता है। एजेंसी भुगतान के स्रोत, लेनदेन के दस्तावेज और रजिस्ट्री में दर्शाई गई कीमत की जांच कर रही है। अंतिम मूल्यांकन के बाद तस्वीर होगी साफ EOW की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। एजेंसी दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, जेवर, नकदी और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अंतिम मूल्यांकन के बाद स्पष्ट होगा कि कुल संपत्ति कितनी है और उसमें से कितनी उनकी वैध आय के अनुपात में है। —————
यह खबर भी पढ़ें करोड़पति निकला एमवाय हॉस्पिटल का फार्मासिस्ट आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) इंदौर ने एमवाय अस्पताल (MYH) में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने सरकारी दवाओं के स्टॉक में कथित गड़बड़ी कर आय से 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी। जांच में बिना विभागीय अनुमति थाईलैंड यात्रा करने का भी खुलासा हुआ। पढ़ें पूरी खबर
