उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को अचानक नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंच गए। सीएम सुविधाएं देख खुश भी हुए और उन्होंने किसानों से बातचीत कर उपार्जन केंद्र में मिल रही सुविधा पर अधिकारियों को अन्य उपार्जन केंद्रों पर इसी तरह की सुविधा देने के दिशा-निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने उज्जैन थे। 40 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं का उपार्जन इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उपार्जन केंद्र की व्यवस्था देखने मैं स्वयं भी खरगोन के महेश्वर विधानसभा के पास के गांव में अंदर गया था। फिर शाजापुर जिले के अंतर्गत एक विधानसभा के अंदर वहां भी गेहूं उपार्जन देखा। आज उज्जैन के अंदर गेहूं उपार्जन देखा। अब स्लॉट बुकिंग भी करीब-करीब सबकी हो चुकी है। आज तक 40 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं का उपार्जन या खरीदी हो चुकी है। चना, मसूर की भी समानांतर रूप से सबका खरीदी लगातार चल रही है। हमने कहा कि जिनको बुकिंग कराना हो वह कराएं और इसी आधार पर आज हमने गोडाउन की क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी जारी कर दिए। कहा था- कहीं भी हेलीकॉप्टर उतार सकता हूं कुछ दिन पहले ही सीएम मोहन यादव ने कहा था कि ‘मैं कहीं भी हेलीकॉप्टर उतार सकता हूं और गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर सकता हूं। मंगलवार को उज्जैन की सेवा सहकारी संस्था दताना के नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे और केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने का भी फैसला किया। वेयरहाउस की क्षमता बढ़ने से गेहूं को बेमौसम बारिश से बचाया जा सकेगा। इससे पहले सीएम डॉ. यादव शाजापुर और खरगोन में भी गेहूं उपार्जन का आकस्मिक दौरा कर चुके हैं।
