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RSS चीफ भागवत बोले-जाति तब खत्म होगी जब समाज बदलेगा:जनसंख्या नियंत्रण नीति और यूनिफॉर्म सिविल कोड लोगों के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकते

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण नीति और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) जैसे कानून लोगों के सहयोग के बिना सफल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जाति आधारित राजनीति तभी खत्म होगी, जब समाज जाति के आधार पर सोचना बंद करेगा। भागवत गुरुवार को कर्नाटक के मैसूरु में JSS महाविद्यापीठ में “सोशल हार्मनी ऐज ए कैटलिस्ट फॉर नेशनल डेवलपमेंट” विषय पर लेक्चर के बाद इंटरेक्टिव सेशन में लोगों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने समानता को नारों से नहीं, बल्कि व्यवहार में अपनाने की अपील की। RSS सरकार नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन जनसंख्या नियंत्रण और UCC पर सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि RSS सरकार नहीं, बल्कि सामाजिक संगठन है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून को सफल बनाने के लिए लोगों को शिक्षित करना और उनकी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान जनसंख्या नियंत्रण उपायों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जबरन नसबंदी कराई गई, जिससे लोगों में गुस्सा हुआ और बाद में सरकार को हार का सामना करना पड़ा। भागवत ने कहा कि जनसंख्या नीति बनाते समय जनसांख्यिकीय संतुलन, महिलाओं की शिक्षा, सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति तय होने के बाद उसे बिना भेदभाव सभी पर लागू किया जाना चाहिए। UCC को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उत्तराखंड में ऐसा कानून आ चुका है और अन्य राज्यों में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। लोकतंत्र में फैसले धीरे-धीरे होते हैं उन्होंने कहा, राज्य-दर-राज्य यह आगे बढ़ रहा है। शायद एक दिन पूरे देश में लागू हो जाए। लोकतंत्र में फैसले धीरे-धीरे होते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति नहीं, बल्कि 142 करोड़ लोग मिलकर फैसला करते हैं। जाति व्यवस्था पर बोलते हुए भागवत ने कहा कि पहले समाज बदलेगा, तभी राजनीति बदलेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि केवल जाति भूलने की बात न करें, बल्कि ऐसा व्यवहार करें जैसे जाति है ही नहीं। उन्होंने अंतरजातीय संबंध और विवाह को बढ़ावा देने की बात कही और 1942 में महाराष्ट्र में हुए एक अंतरजातीय विवाह का उदाहरण दिया, जिसे बीआर आंबेडकर और एमएस गोलवलकर ने आशीर्वाद दिया था।
धर्म बनाकर आपस में झगड़ा करना ठीक नहीं भागवत ने कहा कि धार्मिक सद्भाव पर उन्होंने कहा कि सभी धर्म अंततः सत्य की ओर ले जाते हैं, भले ही उनके तरीके अलग हों। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रास्ते आखिरकार एक ही मंजिल तक पहुंचते हैं, जैसे नदियां समुद्र में मिलती हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें: RSS प्रमुख भागवत बोले- भारत पहले ही हिंदू राष्ट्र:घोषित करने की जरूरत नहीं; कहा- अयोध्या में राम मंदिर जनसमर्थन से बना RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है। इसे घोषित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सत्ता में बैठे लोगों की प्रतिबद्धता और देशभर के लोगों के समर्थन से हुआ। पढ़ें पूरी खबर…

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