Homeमध्यप्रदेशRGPV की बदनामी हुई, इसलिए 3 हिस्सों में बांटा:शिक्षामंत्री बोले- यूनिवसिटी पर...

RGPV की बदनामी हुई, इसलिए 3 हिस्सों में बांटा:शिक्षामंत्री बोले- यूनिवसिटी पर 585 कॉलेजों का दबाव था; छात्रसंघ चुनाव पर जल्द लेंगे फैसला

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन यूनिवर्सिटी में बांटने के फैसले पर कांग्रेस के सवालों का स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि आरजीपीवी पर 585 से ज्यादा कॉलेजों का दबाव था। इस दबाव के कारण परीक्षा और नतीजे समय पर नहीं आ पाते थे। इससे पिछले दो सालों में यूनिवर्सिटी की बदनामी भी हुई। इसी को देखते हुए सरकार ने टेक्निकल एजुकेशन को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला किया है। शिक्षा को बेहतर बनाने की कोशिश परमार ने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा को बेहतर बनाने और स्टूडेंट्स को अच्छी सुविधा देने के लिए किया गया है। मध्य प्रदेश की इलाके की बनावट के हिसाब से तीन यूनिवर्सिटी के नाम महाकौशल, मध्य भारत और मालवा रखे गए हैं। कांग्रेस ने इसे ‘ओछी मानसिकता’ बताया था। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के हिसाब से शिक्षा में बदलाव और विस्तार कर रही है। उन्होंने फिर दोहराया कि आरजीपीवी इतना बड़ा हो गया था कि काम का दबाव बहुत बढ़ गया था। परीक्षा और नतीजों में देरी जैसी समस्याओं के कारण यूनिवर्सिटी की बदनामी हुई, इसलिए इसे तीन भागों में बांटना जरूरी था। नाम हटाना नाम का मुद्दा नहीं राजीव गांधी का नाम हटाने के सवाल पर परमार ने कहा कि यह किसी व्यक्ति के नाम का मुद्दा नहीं है। महाकौशल, मध्य भारत और मालवा मध्य प्रदेश की पुरानी क्षेत्रीय पहचान हैं। सरकार ने इसी बनावट को ध्यान में रखकर नाम तय किए हैं। छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोर्ट के आदेश के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विभाग कोर्ट के आदेश की जांच कर रहा है। सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा। चुनाव सीधे होंगे या परोक्ष, इस पर अभी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here