मध्यप्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा आज आयोजित हो रही है। इस बार परीक्षा में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य किया गया है, जबकि गेट परीक्षा से 30 मिनट पहले बंद हो जाएंगे। पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है, जिसमें हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटे जाएंगे। सभी केंद्रों पर थ्री-लेयर सिक्योरिटी लागू रहेगी, जिसमें क्यूआर कोड स्कैनिंग, बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन और फ्रिस्किंग शामिल है। प्रदेश के 54 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर करीब 1.35 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। दो पालियों में होने वाली परीक्षा में सुबह सामान्य अध्ययन और दोपहर में सामान्य अभिरुचि का पेपर आयोजित होगा। नए नियमों का उद्देश्य परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत करना है। परीक्षा 54 जिलों के 365 केंद्रों पर होगी। समय: सुबह 10 से 12 बजे और दोपहर 2:15 से 4:15 बजे तक। राज्य सेवा परीक्षा के लिए 155 और राज्य वन सेवा के लिए 36 पद भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य सेवा परीक्षा के लिए 155 और राज्य वन सेवा के लिए 36 पद हैं। आवेदन प्रक्रिया में करीब 1 लाख 35 हजार अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी केंद्रों पर एक जैसी सुरक्षा और जांच व्यवस्था लागू रहेगी। गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे MPPSC ने 2026 की प्रारंभिक परीक्षा में पहली बार निगेटिव मार्किंग लागू की है। अब प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे। इसका मतलब है कि तीन गलत उत्तर एक सही उत्तर के अंक (3 अंक) को खत्म कर देंगे। यह बदलाव परीक्षा के प्रीलिम्स चरण में 3R-W (3 मार्क्स सही, 1 गलत) पद्धति के तहत लागू किया गया है। एग्जाम एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाल के सालों में अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल परीक्षार्थियों की संख्या घटाना नहीं, बल्कि गंभीर और अच्छी तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को छांटना है। यह भी देखें
