एमपी में पिछले 3 दिन से तूफान तांडव कर रहा है। जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने से 13 मौतें हो गईं, जबकि नर्मदापुरम, सीहोर समेत कई जिलों में गेहूं भींग गया। बिगड़े मौसम की वजह से भोपाल समेत कई जिलों में पेड़ भी गिर गए। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा की माने तो प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव रहे, जबकि दो ट्रफ भी प्रदेश से होकर गुजरे। इस वजह से प्रदेश में पिछले 3-4 दिन से तेज आंधी, ओले और बारिश वाला मौसम है, जो आगे भी 4 दिन तक बना रहेगा। बैतूल में रिकॉर्ड 85Km/घंटा रही आंधी की रफ्तार प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कुल 30 जिलों में बारिश हुई। इनमें भोपाल, नर्मदापुरम, बैतूल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सीधी, मऊगंज, उमरिया, अनूपपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, कटनी, शहडोल और सिंगरौली शामिल हैं। गुना, रायसेन और बालाघाट में ओले भी गिरे। शिवपुरी, विदिशा, दतिया और श्योपुर जिलों में धूल भरी आंधी चली। बैतूल में हवा की रफ्तार सबसे ज्यादा 85 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रही। मौसम विभाग के अनुसार, अशोकनगर में 72Km, सीहोर में 68Km, गुना-शिवपुरी में 61Km, जबलपुर-सागर में 59Km, भोपाल-शहडोल में 57Km, पचमढ़ी में 56Km, विदिशा में 52Km, नर्मदापुरम-सीधी में 46Km, रीवा, मऊगंज-श्योपुर में 37Km, राजगढ़ में 31Km और खजुराहो में रफ्तार 28 Km प्रतिघंटा तक रही। देखिए आंधी और बारिश से नुकसान की तस्वीरें… 3 दिन में प्रदेश में कहां सबसे ज्यादा नुकसान जबलपुर में बरगी डैम में समा गया क्रूज जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया था। उसमें करीब 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा थी। तीन दिन चली सर्चिंग में अब तक 13 शव मिल चुके हैं। वहीं, रेस्क्यू कर क्रूज को बाहर निकाला गया। सीहोर में गेहूं भीग गया सीहोर जिले के इछावर सहित बोरदी झालकी और भाऊखेड़ी में तेज हवा आंधी के साथ जमकर बारिश हुई। इस वजह से किसानों का गेहूं खराब हो गया। रायसेन में आंधी से वेयर हाउस का टीन शेड उड़ गया। इस वजह से गेहूं और मूंग की फसलें गीली हो गई। नर्मदापुरम की अनाज मंडी में बने केंद्र में रखा गेहूं, चना भीग गया। टीन शेड के अंदर पानी भर गया। बालाघाट में 10 हजार बोरी गेहूं पानी में गीला हो गया। इटारसी में मेले का 20 फीट ऊंचा गेट गिरा नर्मदापुरम के इटारसी में सूरजगंज लाल ग्राउंड में लगे इटारसी उत्सव मेले का मुख्य प्रवेश द्वार शनिवार को अचानक भरभराकर गिर गया। करीब 20 फीट ऊंचा यह गेट बांस के सहारे बनाया गया था, जो तेज हवाओं का दबाव नहीं झेल सका और कुछ ही पलों में जमीन पर आ गिरा। गनीमत रही कि घटना के वक्त आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। आंधी-बारिश के चलते मेले परिसर में पानी भर गया, जिससे स्टॉल संचालकों और दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मेले के आसपास लगे टीन शेड भी तेज हवाओं के कारण उखड़कर सड़क पर गिर गए। सूरजगंज स्थित पीएम श्री गर्ल्स स्कूल में भी तूफान का खासा असर देखने को मिला। जहां तेज हवा के कारण स्कूल का टीन शेड उड़ गया। तेज हवा से आग भड़की…कई मकान, ट्रैक्टर-पशु जले रायसेन के सांची के आलमखेड़ा गांव में शनिवार को भीषण आगजनी की घटना हो गई। खेतों में जल रही नरवाई की आग तेज आंधी-तूफान के कारण गांव तक पहुंच गई और देखते ही देखते आधा दर्जन से अधिक मकान जलकर खाक हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना में करीब 6 से 7 पशुओं की जलने से मौत हो गई। वहीं एक किसान के आंगन में खड़ा ट्रैक्टर भी पूरी तरह जल गया। इसके अलावा करीब 12 किसानों का 100 क्विंटल से अधिक गेहूं, कृषि यंत्र और घरेलू सामान जलकर राख हो गया। जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। धूल और धुएं से हालात बेकाबू हो गए, लोग एक-दूसरे को पहचान नहीं पाए। पेड़-शेड भी गिरे भोपाल के नीलबड़ और अवधपुरी क्षेत्र में कई पेड़ गिर गए। बालाघाट में भी पेड़ गिरने के मामले सामने आए। सीहोर के श्यामपुर रोड, जाखाखेड़ी में तेज आंधी से आधा दर्जन से अधिक पेड़ जमींदोज हो गए। बालाघाट के ग्राम कोसमी के वार्ड नंबर 17 में रेखु बसेने के घर की सीमेंट शीट नीचे गिर गई। इससे नीचे बैठे पांच लोग घायल हो गए। यह खबर भी पढ़ें… एमपी के 42 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है। 24 घंटे में भोपाल समेत 30 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि बैतूल में 85 किमी घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चली, जो इस सीजन की सबसे तेज रही। पढ़ें पूरी खबर…
