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MP के 2 लाख कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी:सरकार ने 2029 तक की सीनियरिटी लिस्ट मांगी; HC के फैसले के बाद जारी होंगे आदेश

मध्यप्रदेश के करीब 2 लाख अधिकारी-कर्मचारियों के 9 साल से अटके प्रमोशन को लेकर सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 20 विभागों को 2029 तक की सीनियरिटी लिस्ट तैयार कर जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। सरकार के प्रमोशन आदेश लागू होने पर प्रदेश के करीब साढ़े 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों पर इसका असर पड़ेगा। वहीं, प्रमोशन से खाली होने वाले करीब 2 लाख पदों पर नई भर्ती का रास्ता भी खुलेगा। इसी को देखते हुए सरकार पहले से पूरा डेटा तैयार करा रही है, ताकि हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद बिना देरी प्रमोशन के आदेश जारी किए जा सकें। साल में 2 बार अपडेट होगी सीनियरिटी लिस्ट लोक सेवा प्रमोशन नियम-2025 के विरोध के बीच जीएडी ने सोमवार को 20 विभागों के उप सचिव स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में विभागों से एससी, एसटी और अनारक्षित पदों पर कार्यरत अधिकारियों का पूरा डेटा और 2029 तक की सीनियरिटी लिस्ट तैयार करने को कहा गया। नियमों के मुताबिक जनवरी और जुलाई में सीनियरिटी लिस्ट अपडेट की जाएगी और इसी आधार पर आगे प्रमोशन प्रक्रिया चलेगी। ताकि फैसला आते ही प्रमोशन हो सके पदोन्नति को लेकर हुई बैठक में जीएडी ने सभी विभागों से अपना प्रमोशन और सीनियरिटी रिकॉर्ड दोबारा जांचने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किस अधिकारी की सीनियरिटी किस स्तर पर है, इसका रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट रखें। ताकि सरकार जैसे ही प्रमोशन का फैसला करे, विभागवार तुरंत प्रमोशन के आदेश जारी किए जा सकें। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्य सचिव अनुराग जैन पहले भी इस संबंध में निर्देश दे चुके हैं। विभागों को लोक सेवा प्रमोशन नियम-2025 के नियम-5 के तहत सीनियरिटी लिस्ट तैयार करने को कहा गया है। कई विभाग प्रभार के भरोसे चल रहे 9 साल से प्रमोशन नहीं होने का असर बड़े विभागों में साफ दिखाई दे रहा है। जल संसाधन, पीएचई, लोक निर्माण, नर्मदा घाटी विकास और नगरीय विकास जैसे विभागों में कई वरिष्ठ पद प्रभार के भरोसे चल रहे हैं। पीएचई विभाग में 127 कार्यपालन यंत्री के स्वीकृत पद हैं, लेकिन नियमित रूप से सिर्फ 15 अधिकारी कार्यरत हैं। बाकी पदों पर प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। ईएनसी के तीन पदों में भी आने वाले समय में रिटायरमेंट के कारण रिक्तियां बढ़ेंगी। जल संसाधन और लोक निर्माण विभाग में भी अधीक्षण यंत्रियों को प्रभारी ईएनसी बनाया गया है। इन विभागों में प्रभार को लेकर विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। सरकार का मानना है कि प्रमोशन प्रक्रिया शुरू होने पर इस स्थिति में सुधार हो सकेगा। 2025 नियमों पर ही होगी तैयारी जीएडी ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा प्रमोशन नियम-2025 के नियम-5 के तहत विभिन्न संवर्गों में एससी, एसटी और अनारक्षित पदों का निर्धारण किया जाना है। अधिकारियों ने बताया कि 2025 के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विभाग फिलहाल इन्हीं नियमों के आधार पर 2029 तक की सीनियरिटी लिस्ट तैयार कर जीएडी को भेजेंगे। इसके बाद सरकार के अगले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी। अधिकारियों में निर्देश को लेकर असमंजस बैठक में शामिल कई उप सचिव स्तर के अधिकारियों का कहना था कि फिलहाल उन्हें सिर्फ सीनियरिटी लिस्ट तैयार करने के निर्देश मिले हैं। हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण आगे की प्रक्रिया पर अंतिम फैसला सरकार के अगले निर्देशों के बाद ही होगा। SPEAK का ऐलान: ‘SC-ST को फायदा पहुंचाने की कोशिश सामान्य पिछड़ा वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संगठन (SPEAK) के अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर ने सरकार के फैसले का विरोध किया है। उनका आरोप है कि सरकार 2002 के प्रमोशन नियमों जैसी व्यवस्था को 2025 में भी लागू कर एससी-एसटी वर्ग को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि आरक्षित वर्ग को तय सीमा से अधिक प्रमोशन दिए जा चुके हैं। पहले अनारक्षित वर्ग के लंबित प्रमोशन किए जाएं, उसके बाद ही इस असंतुलन को दूर किया जा सकता है। तोमर ने कहा कि संगठन सरकार के नए प्रमोशन नियमों और इस पूरी प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती देगा।

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