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MP के रेल रूट पर हर ढाई घंटे में चोरी:54% अपराध महिला यात्रियों के साथ; स्लीपर, जनरल और एसी 3 टियर कोच सबसे ज्यादा प्रभावित

मेहनत से खरीदा फोन सफर में चोरी हो गया। ट्रेन में किसी पर भरोसा मत करना। अपनी चीजों की जिम्मेदारी खुद लें, वरना पछताना पड़ता है। मेरी गलती आप मत दोहराना, यात्रा के दौरान सतर्क रहें। यह अपील एक रेल यात्री अमोल रमेश धाबर्डे की है। वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद के निवासी हैं। हाल ही में यात्रा के दौरान झांसी और भोपाल के बीच कहीं उनका महंगा फोन चोरी हो गया था। मामला सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने ट्रेनों में चोरी के आंकड़े जुटाए। जीआरपी के ई-एफआईआर पोर्टल के दस्तावेज खंगाले गए। 94 एफआईआर के मिलान के बाद जो आंकड़े सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं। भोपाल, बीना, इटारसी, रानी कमलापति, विदिशा और आमला स्टेशन के बीच हर ढाई घंटे में एक चोरी हो रही है। इनमें महिलाएं सबसे ज्यादा 54% शिकार बनी हैं। ट्रेनों के स्लीपर, जनरल और एसी 3 टियर कोच सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दैनिक भास्कर ने कैसे की पड़ताल? मध्य प्रदेश पुलिस की ई-एफआईआर पोर्टल से दैनिक भास्कर ने 8 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 के बीच भोपाल, बीना, ग्वालियर, इटारसी, रानी कमलापति, विदिशा, खंडवा और आमला थानों में दर्ज कुल 94 एफआईआर निकालीं। हमारी टीम ने हर एफआईआर को केस-वार पढ़ा। चोरी की गई हर वस्तु जैसे लैपटॉप, मोबाइल, जेवरात, नकदी की अनुमानित कीमत को एफआईआर में लिखे विवरण के आधार पर जोड़ा। इन 94 मामलों को 8 श्रेणियों थाना वार, समय के अनुसार, कोच के प्रकार, लिंग, उम्र, तरीके (जैसे- जेबतराशी, स्नैचिंग, स्लीपर सेल), चोरी की गई वस्तु के प्रकार (मोबाइल कंपनी, जेवरात का प्रकार) और जीरो एफआईआर पैटर्न में बांटकर गहन विश्लेषण किया। हर ट्रेंड को क्रॉस-चेक किया गया और सभी आंकड़ों को दो बार वेरिफाई किया गया। विश्लेषण में पता चला कि इस रूट पर हर 2.5 घंटे में एक चोरी हो रही है और 5 दिनों में यह चोरियां या लूट हुई हैं। रेल चोरों के टारगेट पर महिलाएं
कुल 94 मामलों में से 54% अपराध महिला यात्रियों के साथ हुए हैं। यह पुरुषों की तुलना में 8.5% अधिक है। इसके अलावा, महिलाओं से प्रति मामला औसतन 20% अधिक कीमत का माल चोरी हुआ है। इसमें बड़े मामले रानी कमला पति स्टेशन और बीना स्टेशन पर दर्ज है। ऐसे काम कर रहे हैं चोर, मोडस ऑपरेंडी समझिए सोते समय – 60% मामले भीड़ का हथियार – 25% मामले स्नैचिंग – 15% मामले
पाई-पाई जोड़कर लिया था फोन, छीन गया महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी यात्री अमोल रमेश धाबर्डे ने बताया कि मैं संभाजी नगर से आगरा की ओर जा रहा था, तभी झांसी और भोपाल के बीच कहीं मेरा फोन चोरी हो गया। रात में हमने अपने बॉस को बताया, उन्होंने तुरंत हेल्प की। सुबह तक पता चला कि फोन मिल गया है। एक शख्स ने कॉल कर खुद का नाम सोनू बताया। उसने कहा था कि ‘भोपाल में रानी कमलापति स्टेशन पर आकर फोन ले जाओ। मैं दौड़ता हुआ भोपाल पहुंचा। एक स्टेशन पर गया, दूसरे पर भी गया। लेकिन, वह आदमी फ्रॉड निकला। उसने मेरे फोन का झांसा देकर मुझे इधर-उधर भटकाया। दोस्तों, मैंने यह फोन पाई-पाई जोड़कर लिया था, इसलिए दुख हो रहा है। मैं आपको बता दूं ट्रेन में चार्ज लगाते हो, सो जाते हो, किसी पर भरोसा मत रखो। अपने सामान की जिम्मेदारी खुद की होती है। सगा किसी का कोई नहीं होता। जब चोरी हो जाती है तो अकेले ही भटकते हो। मैंने कंप्लेंट दर्ज करा दी है, लेकिन फोन तो चला गया। तो दोस्तों, मुझसे गलती हुई है, आप मत करना। सतर्क रहो। जय हिंद। जीआरपी एसपी बोले- हमने 8 करोड़ की रिकवरी
जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि पिछले 5 सालों के आंकड़ों से तुलना करने पर असली तस्वीर सामने आती है। मामले ड्रास्टिकली कम हुए हैं। 2024 में डेढ़ करोड़ रुपए और उससे पहले के वर्षों में करीब एक-एक करोड़ रुपए की रिकवरी हुई थी, लेकिन 2025 में यह आंकड़ा 8 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। हाल ही में हर 15 दिन में 30 से 35 लाख रुपए की रिकवरी हो रही है। इतनी सीमित फोर्स में भी 2025 में 8 करोड़ रुपए की रिकवरी हमारी बड़ी उपलब्धि है।

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