राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तीसरे संस्करण का समापन रविवार को भोपाल के बोट क्लब में हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्टेडियम के साथ अलग-अलग खेल विधाओं के लिए भी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि खेल विभाग का बजट बढ़ाते हुए उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने 110 रेस में अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल ने पहला, नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब गोवा ने दूसरा और सिकंदराबाद ने तीसरा स्थान हासिल किया। तीन साल में 16वें-17वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा मप्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। तीन साल पहले तक खेलों में प्रदेश की स्थिति देश में 16वें-17वें स्थान के आसपास थी, लेकिन अब मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा चाहे ओलंपिक हो या कॉमनवेल्थ, भारत की उपलब्धियों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान भी दिखाई देता है। 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हो रही हैं। सरकार का प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके प्रशिक्षण, शिक्षा और भविष्य के अवसरों पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में खेलों को शिक्षा का हिस्सा बनाने के साथ कोच के करियर को भी आगे बढ़ाने की संभावनाएं रखी गई हैं। मध्यप्रदेश में इस दिशा में पहले ही पहल की गई है। खिलाड़ियों के साथ उनके कोच की प्रगति और भविष्य की चिंता भी जरूरी है। खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को हर स्तर पर अवसर देने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर हिस्से में खेल सुविधाओं का विस्तार करना है। अलग-अलग खेलों के लिए उपलब्ध संभावनाओं के अनुसार सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों में अपना सम्मान बढ़ा रहा है और मध्यप्रदेश भी इस यात्रा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी विजेता और पुरस्कृत खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और देश-प्रदेश के गौरव से जुड़ा माध्यम भी हैं। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस नेताओं को माफी मांगनी चाहिए: मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार मंत्री बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रभक्तिपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ गीत को सम्मान मिला। लाल किले से स्वतंत्रता दिवस की परेड के दौरान भी पहली बार इस गीत को सम्मान दिए जाने से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस के नेताओं ने इसी दिन को कलंकित करने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें तत्काल देश से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने का काम किया था। ऐसे राष्ट्रभक्तिपूर्ण गीत को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मान मिलना देश के लिए गौरव की बात है। सारंग बोले- बड़े तालाब का खेल और पर्यटन के लिए हो रहा सदुपयोग
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का खेलों के प्रति जुड़ाव लगातार दिखाई दे रहा है। वे लगातार तीसरे दिन भोपाल के एक ही स्थान पर आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब भगवान का दिया हुआ खूबसूरत उपहार है और सरकार इसका खेल के साथ पर्यटन के लिए भी बेहतर उपयोग कर रही है। सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश तीन साल पहले खेलों में देश में 16वें-17वें स्थान पर था, लेकिन अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित हो रही हैं और इनके खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की इच्छा
सारंग ने मुख्यमंत्री से भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की दिशा में पहल करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि भोपाल और मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों को एक जगह प्रदर्शित करने से खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बड़े तालाब में शिकारा संचालन को भी पर्यटन विकास से जोड़ते हुए कहा कि खेल और पर्यटन का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। खिलाड़ियों का किया सम्मान
समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें जूडो में कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली यामिनी मौर्य, शॉटपुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल, पोल वॉल्ट के देव कुमार मीणा, कुलदीप कुमार और फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दाबोड़े शामिल रहे। इसके अलावा 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की टीम के खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया। NSS भोपाल विजेता, एनवाईएससी गोवा उपविजेता
राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 में एनएसएस (भोपाल) ने विजेता का खिताब हासिल किया। विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य वायम, वंशिका शिकारवार, आर्यन पाटीदार, प्रार्थना मोई, अंकित सिसोदिया, समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल हैं। वहीं एनवाईएससी (गोवा) की टीम उपविजेता रही। इसमें शशांक जाधव, हृदय जोशी, मोह रिजवान, शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला शामिल हैं। एनएसएस भोपाल के प्रशिक्षकों में जी.एल. यादव (मुख्य प्रशिक्षक), राम मिलन, नरेंद्र एस. राजपूत और अनिल शर्मा शामिल रहे। अपर लेक की लहरों पर दिखाया कौशल चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों ने अपर लेक की लहरों पर सेलिंग का शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग वर्गों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। संतुलन, गति और तकनीक के आधार पर खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर मजबूत होंगे। वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र बन रहा भोपाल भोपाल की प्राकृतिक झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में की गई थी। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
