मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से सामने आए 10वीं बोर्ड के परिणामों में इस बार ग्रामीण और सामान्य परिवारों के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा परिवारों के बच्चों ने 90% से 99% तक अंक हासिल कर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। इस साल 10वीं के रिजल्ट में खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में ऐसे छात्र सामने आए, जिनके माता-पिता साधारण पृष्ठभूमि से हैं। कई छात्र ऐसे हैं, जिनके पिता किसान, मजदूर, ड्राइवर, दुकानदार या छोटे व्यवसायी हैं, फिर भी बच्चों ने कठिन परिस्थितियों के बीच बेहतरीन अंक हासिल किए। रीवा, ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, सागर, भिंड, मुरैना, शाजापुर, सीधी, खंडवा, मंदसौर, उज्जैन, छतरपुर और अन्य जिलों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। कई छात्रों ने 95% से अधिक अंक हासिल किए, जबकि कुछ ने 98% से ज्यादा अंक लाकर टॉपर्स की सूची में जगह बनाई। गांवों से आने वाले छात्रों का प्रदर्शन खास रहा। खेतों और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई करने वाले छात्रों ने यह साबित किया कि संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्होंने मोबाइल और ऑनलाइन संसाधनों का सीमित उपयोग कर मेहनत से पढ़ाई की। दैनिक भास्कर आपका फोटो प्रकाशित कर रहा… रिजल्ट जारी होने के बाद दैनिक भास्कर ने 90% से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों के लिए विशेष पहल शुरू की है। ऐसे छात्र-छात्राओं के फोटो और जानकारी प्रकाशित की जा रही है। दैनिक भास्कर अपने ऐप पर खबर के माध्यम से ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा। हमसे संपर्क करने के लिए नीचे 10वीं और 12वीं के लिए ऑफिशियल लिंक दिए गए हैं। 10वीं में 90% से अधिक अंक लाने वाले यहां क्लिक करें… अपना फोटो देखने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
