भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी तीन दिन के अमेरिका दौरे पर पहुंचे हैं। 8 अप्रैल को वॉशिंगटन पहुंचने पर उनका स्वागत अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने किया। क्वात्रा ने कहा कि यह दौरा भारत-अमेरिका साझेदारी के “फुल ब्रेड्थ” की समीक्षा का मौका देगा और व्यापार, रक्षा, तकनीक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा और सहयोग बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। दौरे के दौरान विक्रम मिसरी अमेरिका प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, जहां व्यापार, रक्षा, विज्ञान और तकनीक समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इससे पहले फरवरी में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी अमेरिका दौरे पर गए थे, जहां रणनीतिक सहयोग, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हुई थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ईरान जंग को लेकर पाकिस्तानी PM ने ड्राफ्ट मैसेज पोस्ट किया; यूजर्स बोले- ट्रम्प ने संदेश लिख कर भेजा ईरान संकट के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का X पोस्ट विवादों में आ गया है। पोस्ट की एडिट हिस्ट्री में “ड्राफ्ट- पाकिस्तानी PM का मैसेज” दिखने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। शहबाज शरीफ ने अपने पोस्ट में ट्रम्प से ईरान को लेकर तय समयसीमा दो हफ्ते बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे कूटनीति को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही ईरान से होर्मुज खोलने की भी अपील की। पोस्ट के वायरल स्क्रीनशॉट में एक पुराना वर्जन दिखा, जिसमें ड्राफ्ट लिखा था। यही लाइन विवाद का कारण बनी और सवाल उठे कि क्या यह मैसेज पहले से तैयार ड्राफ्ट था। कुछ यूजर्स ने इसे व्हाइट हाउस से जुड़े निर्देश जैसा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ट्रम्प पाकिस्तान की नीति को कंट्रोल कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। शरीफ ने अपने मैसेज में कहा था कि कूटनीतिक प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। युद्धविराम से स्थायी समाधान निकल सकता है। पूरी खबर पढ़ें… इराक में किडनैप अमेरिकी पत्रकार रिहा, शिया नेताओं के दबाव के बाद मिलिशिया ने छोड़ा इराक में किडनैप की गई अमेरिकी पत्रकार शेली किट्लेसन को रिहा कर दिया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। किट्लेसन का मार्च के अंत में बगदाद में अपहरण हुआ था। इराक सरकार और शिया नेताओं के दबाव के बाद ईरान समर्थित काताइब हिजबुल्लाह ने उनकी रिहाई की घोषणा की। रुबियो ने बताया कि पेंटागन, FBI और इराक की सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल ने मिलकर किट्लेसन की रिहाई सुनिश्चित की। काताइब हिजबुल्लाह ने मंगलवार को कहा था कि वह किट्लेसन को रिहा करेगा, लेकिन शर्त रखी कि उन्हें तुरंत इराक छोड़ना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, किट्लेसन रोम में रहने वाली फ्रीलांस पत्रकार हैं और उन्होंने मिडिल ईस्ट के कई युद्ध कवर किए हैं।
