Homeदेशभास्कर अपडेट्स:कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को...

भास्कर अपडेट्स:कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो के विमान से टकरा गया। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। उसका मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह फ्लाइट कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली थी। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया है। इंडिगो ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। एयरलाइन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दिव्यांगों की जनरल सीट सभी वर्गों के लिए खुली सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिव्यांगों के लिए जो जनरल सीट होती है, वह किसी एक वर्ग के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए खुली होती है। इन सीटों पर चयन सिर्फ मेरिट यानी ज्यादा अंक के आधार पर होगा, न कि सामाजिक श्रेणी के आधार पर। जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिस्वर सिंह की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई एससी, एसटी या ओबीसी वर्ग का दिव्यांग उम्मीदवार ज्यादा अंक लाता है, तो उसे सिर्फ इसलिए रोका नहीं जा सकता कि वह जनरल कैटेगरी का नहीं है। मामला प.बंगाल की एक सरकारी कंपनी की भर्ती से जुड़ा था, जहां ज्यादा अंक पाने वाले ओबीसी उम्मीदवार की जगह कम अंक वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि जनरल सीट एक खुला मौका है, जहां सभी योग्य उम्मीदवार बराबरी से प्रतिस्पर्धा करते हैं। एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) सिर्फ नौकरी छोड़ने की प्रक्रिया नहीं है, यह कर्मचारी का अधिकार है। यदि कर्मचारी तय नियमों के अनुसार नोटिस देता है और समय सीमा पूरी हो जाती है, तो वीआरएस अपने आप लागू मानी जाएगी। जस्टिस जेके महेश्वरी और विजय बिश्नोई की बेंच ने बैंककर्मी के मामले में यह फैसला दिया। अब टोल प्लाजा पर कैश बंद, यूपीआई भी 1.25 गुना महंगा सड़क परिवहन मंत्रालय ने 10 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। अब फास्टैग ही टोल भुगतान का मुख्य माध्यम रहेगा। बिना वैध फास्टैग वाले वाहन चालक यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे, लेकिन उन्हें निर्धारित टोल का 1.25 गुना शुल्क देना होगा। इस कदम का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लंबी कतारें कम करना है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here