Homeमध्यप्रदेशवित्त विभाग के ऑडिट में खुलासा:महिला सशक्तीकरण का पैसा सड़क और नल-जल...

वित्त विभाग के ऑडिट में खुलासा:महिला सशक्तीकरण का पैसा सड़क और नल-जल में खर्च, तर्क – इससे महिलाओं का समय बच रहा

मध्यप्रदेश में 2007-08 से अलग से जेंडर बजट का प्रावधान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं के कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों जैसे कर्ज, रोजगार प्रशिक्षण और स्वास्थ्य देखभाल पर राशि खर्च करना था। शुरुआती वर्षों में इस उद्देश्य के अनुरूप खर्च भी हुआ, पर पिछले कुछ सालों में जेंडर बजट की राशि सड़कों, स्कूल भवनों और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं में भी खर्च की जा रही है। वित्त विभाग के ऑडिट में इसका खुलासा हुआ है। सरकार का तर्क है कि इन योजनाओं से महिलाओं को भी सुविधा मिलती है, इसलिए इन्हें जेंडर बजट में शामिल किया है। इधर, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का कहना है कि जेंडर बजट के तहत राशि निर्धारित प्रावधानों के अनुसार खर्च कर रहे। जेंडर बजट के ये उद्देश्य 2025-26 में वन स्टॉप सेंटर, हेल्पलाइन के बजाय भवन निर्माण, सौंदर्यीकरण आदि पर खर्च हुई राशि इस साल 1.27 लाख करोड़: 2026-27 में 1. 27 लाख करोड़ की राशि जेंडर बजट के तहत आवंटित की गई है। इसमें 23382 करोड़ ​लाड़ली बहना पर खर्च होंगे। गृह, ऊर्जा व परिवहन में तो आवंटन इतना कम है कि उसका उपयोग विभागीय खर्चों में हुआ। जेंडर बजट का 68% हिस्सा महिला एवं बाल विकास व स्कूल शिक्षा विभाग पर ही खर्च हो रहा है। वित्त के ऑडिट में 2025-26 के व्यय में मिली ये खामियां

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here