मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक महीने तक पुलिस को सुसाइड लगने वाला मामला हत्या के रूप में सामने आया। 27 वर्षीय रिंकू यादव की हत्या उसके पिता राजू यादव और भाई गौरव यादव ने की। घटना 4 मार्च 2026 की रात 12:30 बजे नाका चंद्रवदनी गली नंबर पांच में हुई। पिता ने रिंकू का गला घोंटा और भाई ने उसके हाथ पकड़े रखा। पिता तब तक गला दबाए रहा, जब तक रिंकू की आखिरी सांस नहीं निकली। हत्या के बाद आत्महत्या दिखाने के लिए बेटे के शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। भाई बोला- फांसी लगाकर आत्महत्या की झांसी रोड थाना पुलिस को 4 मार्च की सुबह पिता राजू यादव और गौरव यादव ने बताया कि उसका भाई रिंकू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा। उसी दिन अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस ने इस दौरान इसे सुसाइड माना और हत्या की संभावना पर ध्यान नहीं दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ले सामने आई सच्चाई 4 मार्च से 4 अप्रैल तक पुलिस ने इसे सुसाइड माना। पिता और भाई मान रहे थे कि उन्होंने “परफेक्ट क्राइम” कर दिया। 4 अप्रैल को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सच्चाई बाहर ले आई। रिपोर्ट में लिखा गया कि रिंकू की मौत गला घोंटने और दम घुटने से हुई। यह सुसाइड नहीं बल्कि हत्या थी। पिता और भाई ने कबूल किया हत्या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने 4 अप्रैल की रात 11 बजे परिजन को हिरासत में लिया। बाप-बेटे से दोबारा पूछताछ शुरू की। पूछताछ में पिता राजू यादव और भाई गौरव यादव ने हत्या कबूल की। बेटे की हरकत से परेशान होकर मार डाला आरोपी पिता ने बताया कि रिंकू शराब के नशे में घर आया था। पत्नी से मारपीट करने लगा। उसे बाहर वाले कमरे में अलग कर सुलाया गया, लेकिन थोड़ी देर बाद रिंकू फिर से हंगामा करने लगा। बेटे की हरकत से परेशान होकर मार डाला। पुलिस ने किया अरेस्ट, कोर्ट ने भेजा जेल झांसी रोड थाने के टीआई शक्ति सिंह यादव ने बताया कि पिता और भाई को गिरफ्तार किया गया। देर रात हत्या के एंगल से मामला दर्ज किया गया। खुदकुशी की FIR को हत्या में बदला गया। दोनों बाप-बेटे को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया। मामले की जांच अभी जारी है।
