Homeदेशजस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव...

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here