केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के इटारसी-बैतूल इलाके में 22 किमी लंबे टाइगर कॉरिडोर को फोरलेन बनाने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की लागत 758 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। कॉरिडोर बनने से माल ढुलाई में लगने वाले समय में कमी आएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन के 22 किमी लंबे टाइगर कॉरिडोर को 4-लेन में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 758 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। गडकरी ने कहा कि यह क्षेत्र कृषि का प्रमुख केंद्र है और यहां कोयला, तांबा, ग्रेफाइट तथा सीसा-जस्ता जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इस सेक्शन के 4-लेन बनने से माल ढुलाई का समय कम होगा, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और किसानों की बाजार व मंडियों तक पहुंच आसान होगी। वन्यजीवों के लिए 11 अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे परियोजना के तहत जानवरों के सुरक्षित आवागमन के लिए 11 विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे। इससे आसपास के वन क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं और वन्यजीवों की मौत की घटनाओं में कमी आएगी। इस 22 किमी हिस्से के अपग्रेड होने के बाद पूरा ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर 4-लेन हाईवे में परिवर्तित हो जाएगा। इससे यात्रा का समय घटेगा, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा बेहतर होगी। साथ ही माधव नेशनल पार्क, रातापानी और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया आभार केंद्रीय मंत्री के ट्वीट के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से बैतूल और आसपास के जिलों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
