भोपाल के लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए से बनी नगर निगम की आठ मंजिला इमारत में खराब इंजीनियरिंग का एक और नमूना सामने आया है। सीढ़ी के पास ही ओपन एरिया है, जिससे नीचे गिरने का डर रहेगा। ये ओपन एरिया गेट से सटा हुआ है। इसे कवर करने के लिए न तो दीवार बनाई गई है और न ही कोई जाली लगी है। यानी, ये किसी ‘मौत के कुएं’ से कम नहीं है। इसी बीच ऑफिस शिफ्टिंग का दौर भी शुरू हो गया है। 5 एकड़ जमीन में बनी इस बिल्डिंग में इससे पहले मीटिंग हॉल को लेकर बड़ी भूल सामने आ चुकी है। दरअसल, करोड़ों रुपए की लागत से बिल्डिंग तो बना दी गई है, लेकिन जिम्मेदार मीटिंग हॉल बनाना भूल गए थे। इस कारण कलेक्टर से पास की खाली 0.25 एकड़ जमीन मांगी गई है। जिसमें 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बिल्डिंग में ये खामी
बिल्डिंग के पिछले हिस्से में चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ी गई है। अंदर जाने के लिए गेट के पास ही ओपन एरिया है। एक्सपर्ट इसे खराब इंजीनियरिंग का नमूना बता रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में ये चूक जानलेवा बन सकती है। यहीं पर दो जगह पर और ओपन एरिया है। यहां पर गिरने का डर रहेगा। इस संबंध में निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया, मामले में जानकारी लेंगे। यदि कहीं खामी है तो उसे दूर करवाया जाएगा। लोकार्पण नहीं, लेकिन शिफ्टिंग चालू
बिल्डिंग का लोकार्पण नहीं हुआ है, लेकिन जिम्मेदारों ने शिफ्टिंग चालू करा दी है, जबकि बिल्डिंग में फर्नीचर, इलेक्ट्रिक से जुड़े काम बाकी है। जानकारी के अनुसार, सेंट्रल वर्कशॉप, हाउसिंग फॉर ऑल, सिविल, जनसंपर्क, विद्युत शाखाएं यहां आ चुकी हैं। वहीं, बीसीएलएल, जल कार्य, सीवेज, स्वच्छ भारत मिशन, जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन, झील प्रकोष्ठ, एनयूएलएम, राजस्व, गोवर्धन परियोजना, अतिक्रमण, बिल्डिंग परमिशन शाखाएं आना बाकी है। अब कमिश्नर का कक्ष आठवीं मंजिल पर रहेगा
निगम सूत्र बताते हैं कि पहले आयुक्त और महापौर के कक्ष ग्राउंड फ्लोर पर थे, लेकिन अब आयुक्त का कक्ष आठवीं मंजिल पर रहेगा। जिसमें अभी काम ही चल रहा है। ‘जीरो एसी’ का दावा, पर एयर कंडीशनर लग रहे
आठ मंजिला बिल्डिंग को लेकर दावा किया जा रहा था कि यहां पर एक भी एसी यानी, एयर कंडीशनर नहीं लगेगा। यानी, ये ‘जीरो एसी’ बिल्डिंग रहेगी लेकिन हकीकत कुछ और ही है। भास्कर टीम ने जब बिल्डिंग का मुआयना किया तो कई रूम में एयर कंडीशनर लगते हुए नजर आए। ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बनाई गई है बिल्डिंग
ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर नगर निगम का नया मुख्यालय भवन बना है। इसके बाद 10 से ज्यादा लोकेशन पर बने ऑफिस एक ही छत पर आ जाएंगे। बिल्डिंग के ठीक सामने परिसर में सोलर पैनल लगाए गए हैं। हालांकि, इसकी दिशा उत्तर-दक्षिणी होने की वजह से बिजली उत्पादन में असर पड़ सकता है। एक बिल्डिंग, 3 कमिश्नर
बिल्डिंग की पूरी डिजाइन निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने बनवाई थी। उनकी मौजूदगी में बिल्डिंग का आधे से ज्यादा काम हुआ, जबकि बाकी काम हरेंद्र नारायण के समय हुआ। अब संस्कृति जैन के समय फिनिशिंग हो रही है। उनके कार्यकाल में ही बिल्डिंग शिफ्टिंग का काम भी शुरू किया गया है। ये खबर भी पढ़िए…. अब 10 करोड़ से अलग से बनाएंगे हॉल; 90° ब्रिज से हो चुकी है किरकिरी मध्य प्रदेश की राजधानी में खराब इंजीनियरिंग का एक और नमूना सामने आया है। लिंक रोड नंबर-1 पर भोपाल नगर निगम ने 5 एकड़ में करीब 40 करोड़ रुपए से 8 मंजिला बिल्डिंग तो बना दी, लेकिन जिम्मेदार मीटिंग हॉल बनाना भूल गए। अब पास की खाली 0.25 एकड़ जमीन कलेक्टर से मांगी गई है। नई बिल्डिंग में 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे, यानी जनता के पैसे की बर्बादी…। पढ़े पूरी खबर
