इंदौर के परदेशीपुरा में एक ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक ऑटोडील से स्कूटर फायनेंस कराने के बाद पीड़ित ने पूरे रुपए जमा कर दिए। जब उसे बैंक से फायनेंस खत्म होने के बाद किश्तों को लेकर कॉल आने लगे तो उसने मौके पर जाकर देखा। यहां पर ऑटोडील बंद हो चुका था। जानकारी निकाली तो पता चला कि उसने कई लोगों से रुपए लेकर नहीं चुकाए। मामले में पीड़ित ने थाने आकर शिकायत की। इसके बाद एफआईआर की गई।
पुलिस के मुताबिक मनोज बुरहाने निवासी रामनगर की शिकायत पर दीपक शर्मा और रेणु शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर की गई है। मनोज ने बताया कि उसने क्लर्क कॉलोनी में श्याम मोटर्स से 9 महीने पहले जूपिटर स्कूटर फायनेंस पर ली थी। जिसमें 22 हजार रुपए भरे थे। इसके दो से तीन माह में पूरे रुपए देने की बात कही थी। तब दीपक शर्मा ने 80 हजार देने के बाद एनओसी देने की बात कही थी।
जिसमें अंकाउट से कुछ किश्तें कटीं, लेकिन इसी बीच 17 मार्च 2025 को 49 हजार 5 सौ रुपए नकद जमा करने के बाद 22 अप्रैल को 28 हजार 5 सौ रुपए और जमा कर दिए। तब दीपक से एनओसी मांगी तो उसने एक दो किश्तें बांउस होने की बात करते हुए पेमेट अंकाउट में डालकर एनओसी देने की बात कही। इसके बाद दीपक ने कॉल कर 2 हजार ओर मांगे और एनओसी देने की बात कही। तब गांव में होने के चलते एक सप्ताह बाद शोरूम पर पहुंचा। यहां पर शोरूम बंद हो चुका था। आसपास के लोगो से पूछा तो उन्होने शोरूम कही ओर जाने की बात कही।
मनोज ने बताया कि उसने तीन अलग अलग नंबरों से फोन आ रहे है। जिसमें गाड़ी की किश्तें बांउस होने की बात कहकर 1 लाख रुपए देने की मांग कर रहे हैं। मनोज के मुताबिक वह करीब 1 लाख की अंमाउट दीपक को पहले ही दे चुका है।
मनोज ने बताया कि दीपक ने उसके अलावा नवदीपसिंह,रजत वर्मा,पलकेश चौकसे,नेहा शर्मा के साथ भी इसी तरह से धोखा किया गया है। सभी से रुपए लेने के बाद दीपक ने बैक में जमा नही किए। जिसमें बैक से लगातार कॉल आ रहे है। दीपक के साथ सकी पत्नी रेणु भी इस पूरी घटना में शामिल है। परदेशीपुरा पुलिस दंपति को लेकर एफआईआर की है। वही उनकी तलाश शुरू कर दी है।
