रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद आज शनिवार 21 मार्च को राजधानी में ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। गुरुवार को चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने आज ईद मनाने का ऐलान किया था। इस बार त्योहार सादगी के साथ मनाने और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने की अपील मुस्लिम संगठनों ने की है। जुमे की नमाज के बाद हुए ऐलान में ईरान के समर्थन और इजराइल के विरोध में आवाज उठाते हुए अकीदतमंदों से शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताने को कहा गया है। ईद के मौके पर शहर की प्रमुख मस्जिदों में नमाज के समय तय कर दिए गए हैं। ईदगाह में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज अदा होगी। इसके बाद जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताजुल मसाजिद में 8:00 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज होगी। अन्य मस्जिदों में यह समय 8:30 बजे रखा गया है। नमाज से पहले फित्रा अदा करने की अपील
मसाजिद कमेटी के अनुसार फित्रा गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति करीब 70 रुपए तय किया गया है। वहीं चांदी के भाव के अनुसार अधिकतम फित्रा लगभग 1650 रुपए तक हो सकता है। नमाज से पहले फित्रा अदा करने की अपील की गई है। सकलैनी जामा मस्जिद में दो जमात
अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज होगी। पहली नमाज सुबह 7:45 बजे और दूसरी 8:30 बजे अदा की जाएगी। मस्जिद कमेटी के अनुसार यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। कमेटी की अपील
मसाजिद कमेटी ने लोगों से अपील की है कि ईदगाह से पहले किसी मस्जिद में नमाज अदा न करें, समय से पहले पहुंचे और पार्किंग व व्यवस्था में सहयोग करें। साथ ही अफवाहों से बचने और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील भी की गई है। रमजान महीने का हर दिन पाक और इबादत वाला होता है, लेकिन जुमा (शुक्रवार) का खास महत्व है। इस दिन मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है। लेकिन रमजान के आखिरी शुक्रवार को अलविदा जुमा या जुमातुल विदा कहा जाता है। अलविदा जुमा का दिन मुसलमानों के लिए अधिक विशेष होता है। अलविदा जुमा पर देशभर के मस्जिदों में खास रौनक देखने को मिलती है और बड़ी तादाद में रोजेदार अलविदा जुमा पर नमाज अदा करने के लिए मस्जिद पहुंचते हैं। अलविदा जुमा का महत्व
रमजान का आखिरी शुक्रवार यानी जुमा रमजान उल मुबारक की इस्लाम में काफी फजीलत है। अलविदा जुमा रमजान की विदाई का संकेत है, जोकि रोजेदारों को यह याद दिलाता है कि, भले ही रमजान खत्म होने वाला है। जिस तरह लोगों ने पूरे महीने संयम, नेक कार्य और इबादत की वह कभी खत्म नहीं होना चाहिए। अलविदा जुमा पर कई लोग नमाज के बाद जकात और सदका अदा करते हैं, जिसे सवाब वाला काम माना जाता है। बाजारों में जबरदस्त रौनक
ईद करीब होने से भोपाल के बाजारों में जबरदस्त रौनक दिख रही है। खरीदारी का उत्साह चरम पर है और लोग देर रात तक बाजारों में उमड़ रहे हैं। कपड़ों से लेकर सेवइयों तक हर दुकान पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दे रही है। यहां आने जाने से बचें
ईद के मौके पर शहर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इस कारण भोपाल यातायात पुलिस ने यातायात में बदलाव किया है। सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा।
