पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी के लिए कई साल पहले “नीच” शब्द इस्तेमाल करने पर हुए विवाद को एक बार फिर उसी तरह का बयान दिया है। मणिशंकर अय्यर ने कहा- मोदी जी कहते हैं कि मैंने उन्हें ‘नीच’ कहा, लेकिन मैंने उन्हें ‘नीच’ नहीं कहा, बल्कि मैंने कहा था कि वे ‘नीच किस्म के आदमी’ हैं। मोदी जी कहते हैं कि मैंने उन्हें ‘नीच जात’ का कहा, लेकिन मैंने उनको कभी ‘नीच जात’ का नहीं बुलाया। मैंने कहा था कि उनका (मोदी का) चरित्र नीच है। अय्यर जयपुर के कनोडिया कॉलेज में एक व्याख्यान में ये बातें कही। गलत अफवाहें फैलाकर प्रधानमंत्री बने हैं
अय्यर ने कहा- वे कहते हैं कि मैंने कहा, चाय वाला प्रधानमंत्री नहीं बन सकता, आप उस वीडियो को देखिए आज तक यूट्यूब पर है। मैंने यह नहीं कहा कि वह चाय वाला है इसलिए प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। अय्यर ने आगे कहा- वह (मोदी) केवल झूठ बोलकर और गलत अफवाहें फैलाकर प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने मुसलमानों के बारे में इतनी खराब बातें बताई हैं या इशारा किया है कि आज हमारा देश सांप्रदायिक बन गया है। मणिशंकर ने कहा- ये कहते हैं कि मैं मैकाले की औलाद हूं क्योंकि हम घर पर अंग्रेजी में बात करते हैं। मोदी जी तमिल जानते हैं क्या, क्यों नहीं, तो फिर किसकी औलाद वो बने? क्या ये गंदे गंदे शब्द इस्तेमाल करके मुझे टोकते हैं कि मैंने उनको नीच कहा, मैंने कतई नहीं कहा। मैंने कहा- नीच किस्म का आदमी है। यह इसलिए कि मैं ब्राह्मण हूं। वो मंच पर कहते हैं कि मणिशंकर ब्राह्मण है, वो कहते हैं कि हां नीच जाति का हूं और मुझे फख्र है। मैंने उन्हें नीच जाति का नहीं बुलाया, मैंने कहा- उनका चरित्र नीच है, यह मैंने कहा था, यह बिल्कुल अलग बात है। मुसलमानों को दुश्मन समझा तो देश बिखर जाएगा
अय्यर ने कहा- भारत बहुत प्राचीन है, लेकिन सबसे प्राचीन नहीं है। हमारी सभ्यता बिना किसी रुकावट के पिछले पांच हजार से आठ हजार साल से चली आ रही है। यह एक ऐसा देश है जिसे अंग्रेजों ने नहीं समझा। इस देश में 80% हिंदू हैं और बाकी 20% में सबसे बड़ी आबादी मुसलमानों की है। 20 करोड़ मुसलमान भारतीय नागरिक हैं, वहीं 5 करोड़ अन्य धर्मों के लोग हैं। यह है भारतवर्ष। इस भारतवर्ष को हिंदू देश कहना और हिंदू राष्ट्र कायम करने का प्रयास करना और यह कहना कि मुसलमान हमारे दुश्मन हैं, ऐसी बुनियाद हमने बनाई तो भारत ठीक नहीं रह सकता, देश बिखर जाएगा। अय्यर ने आगे कहा- धर्म, संस्कृति या किसी भी दृष्टिकोण से देखें, इस देश में इतनी विविधता है और यही हमारी पहचान है। अब वे कहते हैं कि हिंदू हो तभी आप हिंदुस्तानी रह सकते हो और यदि आप किसी दूसरे वर्ग से हो तो मेहमान हो। यदि आपने हमारी बात नहीं सुनी तो हम आपको अपने घर से निकाल देंगे, इस प्रकार की सोच से हमारा देश बिखर जाएगा। पाकिस्तान जाओ, यह कहना गलत है
अय्यर ने आगे कहा- केवल नफरत फैलाने के लिए, यह क्यों जाए? इन्हें तो मौका मिला था इस देश को छोड़ने का, लेकिन इनके परिवारों ने तो हिंदू भाइयों के साथ रहने का निर्णय लिया। हमको इन्हें मुबारकबाद देने की जगह अब यह कहना कि पाकिस्तान जाओ,यह कहना गलत है। सरकार का कोई धर्म नहीं हो सकता
अय्यर ने कहा- हमारे प्रधानमंत्री सारे शंकराचार्य को साइड में करके खुद राम मंदिर का शिलान्यास उद्घाटन कर रहे हैं यही सही है क्या? ऐसा कोई धर्म नहीं है हिंदुस्तान में जो विविधता को नहीं अपनाता हो। लेकिन अब यह लोग कहते हैं कि असली हिंदू धर्म और हिंदू वो है, जो इस देश में पैदा हुआ था। जो बाहर की तरफ नहीं देखता है, अंदर ही देखता है, पूजा करता है, वही सही हिंदू है और वही हिंदुस्तान का सही बाशिंदा बन सकता है। क्योंकि मुसलमान मक्का की तरफ देखता है, ईसाई रोम की तरफ देखते हैं तो वो हिंदुस्तानी नहीं हो सकता है, बस इस देश का मेहमान बन सकता है और उनको हिंदू डिसिप्लिन को मानना चाहिए। धर्म और पंथ को राष्ट्रीयता से जोड़ना बिल्कुल गलत है यह हमारे इतिहास के खिलाफ है। सरकार का कोई धर्म नहीं हो सकता।
