खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब ग्वालियर में भी दिखने लगा है। इसके चलते महंगाई धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे आम आदमी की थाली महंगी हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि युद्ध जल्द नहीं रुका, तो महंगाई चरम पर पहुंच जाएगी और रोजमर्रा की चीजें खरीदना मुश्किल हो जाएगा। ग्वालियर में महंगाई की मार स्पष्ट दिख रही है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर भी रोक लग गई है। इसके कारण घरेलू एलपीजी की मांग अचानक बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि स्टॉक करने के कारण जरूरतमंदों को भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। 10 से 100 रुपए तक बढ़े दाम किराना और ड्राई फ्रूट्स के दाम भी बढ़ने लगे हैं। किराना व्यापारियों के अनुसार, सभी आवश्यक वस्तुओं पर 5 से 10 रुपये का अंतर आना शुरू हो गया है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो यह अंतर और बढ़ जाएगा। किराना व्यापारी गोकुल बंसल ने बताया कि यदि यह युद्ध जल्दी नहीं रुका, तो महंगाई और अधिक बढ़ जाएगी। वर्तमान में तेल के दाम में 10 रुपये प्रति किलो और कनस्तर पर लगभग 100 रुपए का अंतर आ चुका है। दालों और चावल के दाम भी बढ़ने लगे हैं। उनका कहना है कि सभी चीजें एक-दूसरे को देखते हुए महंगी होती जा रही हैं, इसलिए युद्ध का रुकना आवश्यक है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो सरकार को भी इसका बड़ा नुकसान हो सकता है। शहर में अधिकांश ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई बाहर से ग्वालियर में भी अधिकांश ड्राई फ्रूट्स बाहर से आता है जिसमें काफी तेजी आ गई है। ड्राई फ्रूट्स विक्रेता मानस गोयल ने बताया कि यह बात सही है कि जो युद्ध हो रहा है इसकी वजह से ड्राई फ्रूट्स मार्केट पर काफी असर पड़ा है और ड्राई फ्रूट्स में काफी तेजी आती जा रही है। देखा जाए तो पिस्ता में 300 से ₹400 किलो की बढ़त है। और डोडी में भी ₹100 किलो की बढ़त है। उनका कहना है कि ईरान से आने वाले सभी आइटमों पर पैसे बढ़ गए हैं। काली किशमिश रेजिन आदि सभी में 100 से ₹200 का अंतर देखने को मिल रहा है। अगर यह युद्ध 15 दिन और चल गया तो आम आदमी महंगाई के चलते ड्राई फ्रूट खाना भूल जाएगा। वहीं एलपीजी गैस की मारामारी को देखते हुए लकड़ी की डिमांड अचानक बढ़ने लगी है व्यापारियों की माने तो लगभग 10% लकड़ी की डिमांड बढ़ गई है। लकड़ी एवं कोयला व्यवसायी नेहा गुप्ता ने बताया कि अभी कोयला को लेकर कोई विशेष डिमांड नहीं बड़ी है, लेकिन लकड़ी की बात की जाए तो लगभग 10% डिमांड में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा हो सकता है युद्ध के चलते जो गैस संकट सामने आया है उसके चलते लकड़ी की डिमांड बढ़ने लगी है मैरिज हॉल, कैटर्स और पुराने होटल में भी उनके यहां से लकड़ी की सप्लाई में मांग बढ़ने लगी है।
