दुर्ग जिले के समोदा और झेनझरी गांव में भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती उजागर होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर है, वहीं भाजपा विधायक रिकेश सेन ने आरोप लगाया कि इस खेती की शुरुआत कांग्रेस सरकार के समय हुई थी। रविवार को पुलिस और प्रशासन ने अफीम की खेती नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की। बड़े क्षेत्र में फैली खेती को खत्म करने के लिए पहले पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई, लेकिन ज्यादा समय लगने के कारण बाद में बुलडोजर की मदद से पौधे उखाड़े गए। यह कार्रवाई सोमवार को भी जारी रहने वाली है। विधायक रिकेश सेन ने कहा, भूपेश बघेल को उस समय आना चाहिए था, जब बीज बोए जा रहे थे या पौधे लगाए जा रहे थे। गांव में चार साल से खेती होने की बात सामने आ रही है, जबकि भाजपा सरकार को आए दो साल ही हुए हैं। हम इस विषय पर विधानसभा में चर्चा करने के लिए भी तैयार हैं। देखिए पहले कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें- अफीम की खेती को लेकर राजनीति तेज दरअसल, ग्राम समोदा–झेनझरी में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के फार्महाउस में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित अफीम की खेती का खुलासा हुआ। पुलिस ने मौके पर रेड मारकर भाजपा नेता समेत राजस्थान के कुछ मजदूरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कार्रवाई के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अफीम के खेत में पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश में नशे को बढ़ावा मिलने का आरोप लगाया। इसके अगले दिन भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में किसी व्यक्ति की आवाज सुनाई देती है, जिसमें कहा जा रहा है कि “अफीम को जेब में डालकर बेचेंगे।” भाजपा छत्तीसगढ़ ने कैप्शन में लिखा कि भूपेश बघेल के साथ खेत में गया व्यक्ति कौन था जो यह बात कह रहा है। उधर, कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस कमेटी सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। भाजपा विधायक बोले- पूर्व कांग्रेस सरकार भी जिम्मेदार मामले में भाजपा विधायक रिकेश सेन ने कहा कि कम से कम इस सरकार में कार्रवाई तो हो रही है। जिन पर आरोप लगे हैं, उस बीजेपी नेता का कहना है कि वह जमीन उनकी नहीं है। यह पूरी तरह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि वहां जो पौधे मिले हैं, उनकी ऊंचाई कम से कम तीन फीट है। क्या वे बीजेपी सरकार आने के बाद ही इतने बड़े हो गए? गांव के लोग भी कह रहे हैं कि वहां चार साल से खेती हो रही है। ऐसे में क्या पूर्व सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? रिकेश सेन ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिना जांच के किसी पर आरोप लगाना ठीक नहीं है और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। रिकेश सेन बोले- बीच में पौधा उगा तब आना था विधायक रिकेश सेन ने कहा कि भूपेश बघेल को उस समय आना चाहिए था, जब बीज से पौधे उग रहे थे और जब उन्हें रोपने की तैयारी की जा रही थी। उसी गांव में पिछले चार साल से यह खेती चल रही है, जबकि हमारी सरकार को बने अभी दो साल ही हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर हम सदन में भी चर्चा के लिए तैयार हैं। सरपंच का भी कहना है कि चार साल से खेती हो रही है, यानी दो साल पहले और दो साल वर्तमान सरकार के कार्यकाल में। इसलिए जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। पार्टी की ओर से निष्कासन के सवाल पर रिकेश सेन ने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है। पार्टी ने क्या संज्ञान लिया है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में सभी राजनीतिक दलों को सक्रिय होकर ऐसे नशे के खिलाफ मिलकर लड़ना चाहिए। अफीम नष्ट करने में हो रही देरी पुलिस को इस खेत में अफीम की खेती की जानकारी 5 फरवरी को मिली थी। 6 मार्च को दोपहर में पुलिस ने खेत में रेड मारकर पूरे इलाके को अपने कब्जे में लिया। 7 मार्च को कागजी कार्रवाई पूरी की गई और आरोपियों को हिरासत में लिया गया। शनिवार शाम न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने खेत से अफीम के पौधे उखाड़कर जब्त करना शुरू किया। हालांकि, बड़े क्षेत्र के कारण खेती पूरी तरह नष्ट करने में समय लग रहा है। पहले नए पुलिस जवानों को यह जिम्मेदारी दी गई, लेकिन काम धीमा रहा। इसके बाद 8 मार्च की दोपहर बुलडोजर से पौधे उखाड़ने का काम शुरू हुआ। अब सोमवार को दोबारा कार्रवाई जारी रहेगी। 5 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में अफीम की खेती पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में समोदा–झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार खेत से करीब 14 लाख 30 हजार पौधे मिले, जिनका वजन लगभग 62 हजार किलोग्राम है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ 88 लाख रुपए आंकी गई है। इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, उसके सहयोगी विकास बिश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। दो अन्य आरोपी आंचला राम और श्रवण बिश्नोई की गिरफ्तारी के लिए टीम राजस्थान भेजी गई है, जो जल्द आरोपियों को लेकर दुर्ग लौटने वाली है। ………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अफीम की खेती वाले गांव में BJP नेता की दहशत: जमीन-तालाब-कुआं पर कब्जा, लाश ले जाने परमिशन लेते थे ग्रामीण; गूगल ने खोला राज
दुर्ग जिले का समोदा गांव….जहां पिछले 5 साल से भाजपा नेता विनायक ताम्रकर अफीम की खेती कर रहे थे। लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। एक दिन गांव के बच्चों के हाथ अजीब सा कुछ पौधा लगा। गूगल में सर्च करने पर पता चला कि यह अफीम है। बस फिर यही से पूरे गांव में हल्ला मच गया। 6 मार्च 2026 को मामला सामने आया। पढ़ें पूरी खबर…
