धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के मेहगांव गांव में खेड़ापति हनुमान मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर रामदास ओझा बीती रात से लापता हैं। उनके घर और मंदिर में दो सुसाइड नोट मिले हैं। 5 नवंबर को खलघाट नर्मदा घाट पर उनकी बाइक और चप्पल लावारिस हालत में मिलीं। सुसाइड नोट में कई लोगों पर लगाए आरोप नोट में चंद्रशेखर ने कुछ लोगों पर खुद और परिवार को लंबे समय से परेशान करने, धमकाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने श्रीराम तुकाराम वर्मा, आनंद वर्मा, कैलाश वर्मा और राजेन्द्र सिंह के नाम लिखे हैं। उन्होंने पटवारी उर्मिला जसनानी, पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन पर भी मिलीभगत और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। चंद्रशेखर ने लिखा कि उनके लगाए पौधे उखाड़ दिए गए। कई जगह शिकायत और आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। नोट में उन्होंने इसी परेशानी के चलते आत्महत्या करने की बात लिखी है। आधी रात के बाद से घर पर नहीं दिखे चंद्रशेखर की मां कांति ओझा के मुताबिक, उनका बेटा बीती रात 12 बजे के बाद से घर पर नहीं दिखा। वह परिवार को बताए बिना घर से निकला था। मां ने बताया कि रास्ते के लिए खुदाई और पेड़ कटवाए जाने की घटना से चंद्रशेखर परेशान थे। परिवार को घर में नोट मिलने के बाद उनके लापता होने की जानकारी सामने आई। चंद्रशेखर की पत्नी ने उनके लापता होने की सूचना धामनोद थाने में दी। नर्मदा घाट पर मिली बाइक और चप्पल 5 नवंबर को तलाश के दौरान पुलिस को खलघाट नर्मदा घाट पर एक मोटरसाइकिल और चप्पल लावारिस हालत में मिलीं। उपनिरीक्षक विजय वास्केल के मुताबिक, पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चंद्रशेखर की तलाश कर रही है।
