ईसागढ़ ब्लॉक के बमनावर माध्यमिक स्कूल की 62 साल पुरानी इमारत की छत पत्थर की फर्शियां चटकने से बल्लियों और पाइप के सहारे टिकी है। इसी इमारत की पहली मंजिल पर 14 साल पहले करीब 6 लाख रुपए से दो कमरे बनाए गए, लेकिन सीढ़ियां या रैंप नहीं बनाया। इसलिए इनका अब तक उपयोग नहीं हो सका। स्कूल में कक्षा 6 से 8 तक के 125 बच्चे पढ़ते हैं। क्षतिग्रस्त कमरे में कक्षाएं बंद हैं, पर वहीं मध्याह्न भोजन पकता है। कमरा खुला होने से बच्चे वहां बैठकर खाना भी खाते हैं। स्कूल प्रभारी निहाल सिंह नरवरिया का कहना है कि अफसरों को दर्जनों पत्र लिखे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कलेक्टर साकेत मालवीय बोले- मामले की जांच कराएंगे। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीपीसी राहुल शर्मा बोले- उपयंत्री के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। क्षतिग्रस्त भवन गिराने की कार्रवाई करेंगे।
