मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देने, 13% होल्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने और पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति की रुकी हुई 14 सीटें तत्काल स्वीकृत करने की मांग को लेकर सोमवार को आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले थे। सीएम हाउस कूच के दौरान जैसे ही भीड़ ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें शुरू कर दीं और लाठीचार्ज कर दिया। इस टकराव में दामोदर यादव, अनिल गुर्जर सहित कई छात्र और युवा नेता मामूली घायल हो गए। सिंधु भवन से जा रहे थे सीएम हाउस मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रदर्शनकारी पीसीसी कार्यालय के पीछे स्थित ‘सिंधु भवन’ में जुटे, जहां सभा के बाद सीएम हाउस घेराव के लिए पैदल मार्च शुरू हुआ। सिंधु भवन से निकला यह विशाल मार्च प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) होते हुए मुख्यमंत्री निवास की दिशा में आगे बढ़ा। 1250 चौराहे पर पुलिस की पहली कड़ी नाकाबंदी को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी आगे निकल गए। आंदोलनकारियों को सीएम हाउस पहुंचने से पहले रोकने के लिए पुलिस ने रेडक्रॉस अस्पताल के सामने मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब छात्रों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ तीखी झूमाझटकी हुई। इसी जगह पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) चलाई और हल्का बल प्रयोग किया। नेताओं के पुतले फूंके, बोले— 14% मंजूर नहीं, आबादी के अनुपात में 52% आरक्षण लेंगे मार्च से पहले सिंधु भवन में हुई सभा में आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव मंडल, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर, कमलेन्द्र पटेल (ओबीसी महासभा), राघवेंद्र सिंह गुर्जर (युवा नेता), कमल कुशवाहा, जय मूवमेंट ओबीसी के लखपत गुर्जर, सागर साहब, केशव यादव, अमोल रावत, अमित बंसोड़, बाबला सोनी, सोनालिका धुर्वे, मंजू दीपांकर, ज्योति पंथी, रामनिवास गुर्जर और भूपेंद्र कराड़ा सहित नेताओं ने संबोधित किया। भाषणों के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के पुतले जलाए। नेताओं ने दो-टूक कहा कि 9 अक्टूबर को हाईकोर्ट द्वारा 14% आरक्षण के फैसले से समाज में भारी नाराजगी है। जब सरकारें कोर्ट में सही पैरवी नहीं कर पा रही हैं, तो अब समाज अपनी 52% आबादी के अनुपात में पूरा आरक्षण लेकर रहेगा। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर पहुंचे हबीबगंज एसीपी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:
