शहडोल के बुढ़ार में अधिवक्ता अभिनव पाठक ने पुलिसकर्मियों पर लाठियों से पीटने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे दुर्गा पंडाल से हिसाब-किताब का काम निपटाकर लौट रहे थे। पुलिस ने उन्हें बस स्टैंड के पास रोका। मारपीट में उनके सिर और कान में चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे साथियों से भी मारपीट का आरोप है। घटना के बाद का अस्पताल और थाने के सामने का वीडियो सामने आया है। इसमें खून से लथपथ अधिवक्ता और कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी भी खून से सनी दिखाई दे रही है। तस्वीरें देखिए… दुर्गा पंडाल से लौटते समय पुलिस ने पीटा अभिनव पाठक बुढ़ार थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती के पास रहते हैं। जानकारी के अनुसार, वे कुछ साथियों के साथ दुर्गा पंडाल से लौट रहे थे। फोन पर बात करते हुए वे बुढ़ार बस स्टैंड पहुंचे। आरोप है कि तभी बुढ़ार थाने के कुछ पुलिसकर्मी पुलिस वाहन से आए और उन्हें रोक लिया। इसके बाद विवाद हुआ और पुलिसकर्मियों ने लाठियों से पीटा। बताया जा रहा है कि पीड़ित युवक घटना के समय मोबाइल से वीडियो बनाने लगे थे जिस कारण मौजूद पुलिस कर्मी भड़क गए। वहीं पुलिसकर्मी अपने साथ भी मारपीट का आरोप लगा रहे हैं लेकिन अभी तक मामले की शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। थाने के सामने हंगामा घटना के बाद थाने के सामने अधिवक्ता और उसके साथियों की जमकर बहस हो गई। अधिवक्ता के साथियों का कहना है कि उनके सिर से खून निकलने लगा और कान में चोट आई। उनके शरीर पर डंडों के लाल-काले निशान भी थे। साथियों ने आरोप लगाया कि अभिनव को बचाने पहुंचे लोगों के साथ भी पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। पुलिसकर्मियों का पक्ष अलग है। आरोप है कि अधिवक्ता उनसे अभद्रता कर रहे थे और झूमाझटकी पर उतर आए थे। पुलिसकर्मियों ने अपने बचाव में कार्रवाई की। पुलिस में नहीं हुई एफआईआर SDOP धनपुरी ने कहा कि मामला मीडिया के जरिए उनके संज्ञान में आया है। पुलिस को अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
