बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात ‘अर्नब’ का असर विदिशा के मौसम पर दिखाई देने लगा है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल डेरा डाले रहे और दोपहर होते-होते रिमझिम बारिश शुरू हो गई। मौसम का मिजाज बदलते ही तापमान में गिरावट आई है और ठंडक बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिक सतेंद्र सिंह के अनुसार जिले में अगले तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ करीब 1 इंच बारिश होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है। बादलों के चलते दिन का तापमान गिरेगा, जबकि रात का पारा थोड़ा बढ़ सकता है। बादल छाए रहने से करवा चौथ पर भी महिलाओं को चांद देखने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। धान की फसल को नुकसान का डर बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि पानी गिरने से धान की चमक फीकी पड़ सकती है और उसकी क्वालिटी पर बुरा असर पड़ सकता है। सिंचाई में बचत, बोवनी रोकने की सलाह दूसरी तरफ, यह बारिश उन किसानों के लिए राहत भी लेकर आई है जो खेतों में सिंचाई कर रहे थे। बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी, जिससे पानी और सिंचाई का खर्च बचेगा। हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल गेहूं और अन्य रबी फसलों की बोवनी न करें। बारिश का दौर पूरी तरह थमने और मौसम साफ होने के बाद ही बोवनी शुरू करना सही रहेगा।
