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विवादित जमीनें, पुलिसिया रौब और 200 करोड़ की प्रॉपर्टी:लोकायुक्त जांच में फिरोज खान के नेटवर्क का खुलासा, पुलिस ड्राइवर कैसे बना अरबपति प्रॉपर्टी डीलर

खाकी वर्दी, कुछ हजार रुपए मासिक वेतन और 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति! इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ प्रधान आरक्षक (ड्राइवर) फिरोज खान की संपत्तियों की लोकायुक्त जांच में 50 से अधिक चल-अचल संपत्तियां सामने आई हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत 65 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। इस आंकड़े में इंदौर-उज्जैन हाईवे पर मगरखेड़ा की 45 बीघा जमीन शामिल नहीं है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 150 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसे जोड़ने पर कुल अनुमानित मूल्य 200 करोड़ रुपए से अधिक हो जाता है। देवास में लकड़ी की आरा मशीन से जुड़े कारोबार से शुरुआत करने वाले फिरोज के पास इतनी संपत्ति कैसे आई और जमीनों के सौदों में उनकी कथित भूमिका क्या रही? पढ़िए रिपोर्ट… आरा मशीन से शुरुआत, जमीन के सौदे में 8-12 करोड़ के कमीशन का दावा फिरोज की संपत्ति की शुरुआत देवास के सोनकच्छ में हुई, जहां उनकी मां वहीदा खान के नाम पर लकड़ी की आरा मशीन चलती थी। सूत्रों के मुताबिक, फिरोज की कथित तौर पर अवैध लकड़ी कटाई और कारोबार में भूमिका थी। इसी कारोबार से जुटाई गई रकम उसने प्रॉपर्टी के छोटे सौदों में लगानी शुरू की। साल 2023 में देवास में ‘कपारो’ की करीब 30 हेक्टेयर जमीन का सौदा हुआ। जमीन के पास से रेलवे लाइन गुजरने के कारण रेलवे की NOC जरूरी थी। सूत्रों के अनुसार, रेलवे के एक इंजीनियर ने इस सिलसिले में फिरोज से संपर्क किया और फिरोज ने NOC दिलवाने में भूमिका निभाई। जमीन सिंगापुर टाउनशिप के मालिक ने खरीदी। इस सौदे में फिरोज और उनके सहयोगी को 8 से 12 करोड़ रुपए कमीशन मिलने का दावा है। 2023-24 में दर्ज हुईं 23 संपत्तियों की एंट्रियां लोकायुक्त जांच में दर्ज 45 प्रमुख एंट्रियों के मुताबिक, 2023 में 14 और 2024 में 9 संपत्तियों से जुड़े सौदे दर्ज किए गए। यानी इन दो वर्षों में कुल 23 एंट्रियां दर्ज हुईं। जमीनों के सौदों में कथित तरीका: पारिवारिक विवाद और दबाव के आरोप लोकायुक्त जांच के मुताबिक, जमीनों के सौदों में फिरोज और उनके सहयोगियों की कथित कार्यप्रणाली इस तरह थी। मगरखेड़ा जमीन की रजिस्ट्री: 45 दिन पुरानी तस्वीरों पर सवाल लोकायुक्त जांच के दायरे में इंदौर-उज्जैन हाईवे स्थित मगरखेड़ा की 45 बीघा जमीन का सौदा भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जमीन का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 150 करोड़ रुपए है, जबकि रविकांत पंवार ने इसे ‘श्याम इंफ्रा’ को 9 करोड़ रुपए में बेचा। रजिस्ट्री में फिरोज खान गवाह था। इस रजिस्ट्री के दस्तावेजों और ऑनलाइन रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियां बताई गई हैं। इस मामले में तत्कालीन रजिस्ट्रार प्रदीप निगम से उनका पक्ष जानने के लिए फोन और वॉट्सएप के जरिए संपर्क किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका जवाब नहीं मिला। फिरोज से जुड़े नेटवर्क में पुलिस, कानून और रियल एस्टेट से जुड़े लोग लोकायुक्त जांच के मुताबिक, इस मामले में फिरोज के अलावा पुलिस, कानून और रियल एस्टेट से जुड़े कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। फाइनेंशियल सोर्स और लेन-देन की जांच लोकायुक्त पुलिस फिरोज के आय के स्रोतों, संदिग्ध लेनदेन और मामले में अन्य अधिकारियों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है।लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान के मुताबिक, अब तक जांच में 50 से अधिक संपत्तियों का पता चला है, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य 65 करोड़ रुपए से ज्यादा है। ये खबरें भी पढ़ें…. 150 करोड़ की जमीन की रजिस्ट्री, करोड़पति हेड कॉन्स्टेबल गवाह:धोखे से पावर ऑफ अटॉर्नी और रजिस्ट्री के आरोप, पत्नी का कंपनी से कनेक्शन 2.करोड़पति पुलिस ड्राइवर, बेटी की शादी में नोट उड़ाए:वर्दी की आड़ में खड़ा किया 30 करोड़ का कारोबार; खेत से खुली ठाठ की कहानी 3.ड्राइवर की नौकरी, 30 करोड़ का मालिक बना पुलिसकर्मी:सैलरी से 568% ज्यादा प्रॉपर्टी; मां-पत्नी के नाम पर ट्रेडिंग-रियल एस्टेट फर्म, लोकायुक्त की रेड 4.हेड-कॉन्स्टेबल 64 करोड़ का मालिक, 9 गाड़ियां, 21 बैंक खाते:पत्नी की फर्म के नाम 4 करोड़ की जमीन; परिवार-करीबियों के नाम 46 प्रॉपर्टी

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