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होटल में रुकी, बॉयफ्रेंड से शारीरिक संबंध बनाए:दो घंटे बाद पति का मर्डर, नाजायज रिश्ते को बचाने के लिए रची साजिश

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 21 अप्रैल 2023 को इंदौर का जावेद मंसूरी काम की तलाश में घर से निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। अगले दिन पत्नी रुखसाना ने चंदन नगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की तो सद्दाम हुसैन और शाकिर खान के नाम सामने आए। सद्दाम से मिले सुराग के आधार पर 26 अप्रैल को ग्रीन पार्क कॉलोनी के पास पत्थरों के नीचे दबा जावेद का शव मिला। पोस्टमॉर्टम में धारदार हथियार से हत्या की पुष्टि हुई। जांच आगे बढ़ी तो शाकिर के ऑटो से जावेद का मोबाइल और खून के निशान मिले। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पहली नजर में मामला काम का झांसा देकर बुलाने और हत्या करने का लग रहा था। लेकिन इसी बीच होटल की सीसीटीवी फुटेज सामने आई। फुटेज में जावेद की पत्नी रुखसाना एक युवक के साथ होटल में जाती दिखाई दी। दोनों 21 अप्रैल को करीब दो घंटे वहां रुके थे। यही वह दिन था, जब जावेद घर से निकला और फिर लापता हो गया। अब इस केस में आगे की कहानी… पुलिस होटल में रुखसाना के साथ दिखे युवक की पहचान करने में जुटी थी। रिकॉर्ड खंगाले गए तो पता चला कि वह कोई अनजान व्यक्ति नहीं, बल्कि हत्या के आरोप में गिरफ्तार सद्दाम हुसैन था। पूछताछ के दौरान जावेद के परिवार ने भी रुखसाना और सद्दाम के बीच संबंध होने का संदेह जताया था। रुखसाना और सद्दाम ने मिलकर बनाया मर्डर प्लान अभियोजन के मुताबिक, इसी नाजायज रिश्ते के चलते जावेद को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। 21 अप्रैल 2023 को रुखसाना और सद्दाम एक होटल पहुंचे। होटल मैनेजर ने अदालत में बताया कि दोनों कमरा नंबर 303 में शाम 4 से 6 बजे तक रुके थे। होटल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज से उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, दोनों ने वहां शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद जावेद की हत्या की साजिश को अंजाम देने की तैयारी की गई। होटल में बिताए उन दो घंटों के बाद दोनों अलग-अलग रास्तों पर निकल गए। रुखसाना अपने घर चली गई, जबकि सद्दाम ने आगे के प्लान पर काम शुरू किया।

काम देने का झांसा, फिर चाकू से हमला पुलिस के मुताबिक, जावेद को रास्ते से हटाने के लिए सद्दाम ने अपने साथी शाकिर को भी शामिल किया था। होटल से निकलने के बाद सद्दाम ने शाकिर को साथ लिया। इसके बाद जावेद को फोन कर काम देने का लालच दिया गया। 21 अप्रैल की रात जावेद को एक सुनसान जगह पर ले जाया गया। वहां चाकू से उसकी गर्दन पर वार किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिर शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। आरोपियों ने शव को ऑटो में रखा और चंदन नगर क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी के मुख्य गेट के पास खाली मैदान में ले गए। वहां शव को फेंककर पत्थरों से ढक दिया गया। मकसद था कि शव आसानी से दिखाई न दे और उसकी पहचान होने में देर लगे। अगले दिन, 22 अप्रैल को रुखसाना ने चंदन नगर थाने पहुंचकर पति की गुमशुदगी दर्ज कराई। ऑटो में मिला मोबाइल, कपड़ों पर खून के निशान शव मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों से जुड़े साक्ष्यों की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। सद्दाम की निशानदेही पर लोहे का चाकू और खून जैसे धब्बों वाली शर्ट जब्त की गई। शाकिर के ऑटो और कपड़ों पर भी खून के निशान मिले। उसके कब्जे से जावेद का मोबाइल फोन बरामद हुआ। ये बरामदगियां इसलिए अहम थीं, क्योंकि आरोपियों की भूमिका को केवल शक के आधार पर साबित करना पर्याप्त नहीं था। पुलिस को ऐसे साक्ष्य जुटाने थे, जो हत्या, शव ठिकाने लगाने और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ सकें। शाकिर ने अपने बचाव में कहा कि वह और सद्दाम ऑटो चलाते थे। सद्दाम उसका ऑटो लेकर गया था और उसने 500 रुपए गूगल पे के जरिए शाकिर की पत्नी के खाते में भेजे थे। अदालत ने इस सफाई को पर्याप्त नहीं माना। जावेद का मोबाइल शाकिर के कब्जे से मिलना और उसके ऑटो पर खून के निशान होना अभियोजन के मामले में महत्वपूर्ण साबित हुए। कॉल डिटेल ने भी जोड़ी अहम कड़ियां पुलिस ने जावेद, रुखसाना, सद्दाम और शाकिर के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले। इससे चारों के बीच संपर्क की तस्वीर सामने आई। रुखसाना ने गुमशुदगी की रिपोर्ट में बताया था कि उसकी जावेद से रात करीब 9:30 बजे बात हुई थी। जावेद ने सब्जी लेकर घर लौटने की बात कही थी। लेकिन कॉल डिटेल की जांच में देर रात तक बातचीत के रिकॉर्ड सामने आए। रुखसाना और सद्दाम के बीच रोज कई बार फोन पर बात होती थी। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कई बार संपर्क हुआ था। जावेद और शाकिर के बीच संपर्क के साथ सद्दाम और शाकिर की बातचीत भी जांच में सामने आई। इन कॉल रिकॉर्ड ने होटल की फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के साथ मिलकर अभियोजन के मामले को मजबूत किया। एक गवाही पर भरोसा नहीं, फिर भी उम्रकैद मुकदमे की सुनवाई के दौरान वसीम ने अपने मुख्य बयान में जावेद को आखिरी बार सद्दाम और शाकिर के साथ देखने की बात कही थी। लेकिन बचाव पक्ष की जिरह होने से पहले उसकी मृत्यु हो गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि वसीम की गवाही पर भरोसा नहीं किया गया। इसके बावजूद अभियोजन की ओर से पेश किए गए अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का मूल्यांकन किया गया। अदालत ने रुखसाना और सद्दाम को आपराधिक साजिश रचने का दोषी माना। सद्दाम और शाकिर को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी दोषी ठहराया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों- रुखसाना, सद्दाम और शाकिर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। ये भी पढ़ें… पत्थरों के नीचे मिली पति की लाश, कहा था सब्जी लेकर लौटूंगा, क्राइम फाइल्स पार्ट-1 इंदौर में जावेद घर से निकला तो पत्नी से कहा था कि काम की तलाश में जा रहा है। रात को फोन पर बात हुई तो बताया कि सब्जी लेकर घर लौट रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पढ़ें पूरी खबर…

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