डिंडौरी के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में रविवार को संस्कृति विभाग ने राजा पेमल शाह की वीरगाथा पर नाट्य प्रस्तुति आयोजित की। कलाकारों ने अभिनय के जरिए उनके शौर्य, संघर्ष और जनकल्याण की कहानी पेश की। दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। सोमवार को दो राजाओं की वीरगाथा पर प्रस्तुति यह तीन दिवसीय कार्यक्रम है। सोमवार को राजा लौह गुंडी और राजा हीरा खान सिंह छत्री के शौर्य पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रम में डिंडोरी विधायक ओमकार मरकाम, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, एसडीएम रामबाबू देवांगन, संयुक्त कलेक्टर भारती मरावी, सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार जाटव सहित अधिकारी और नागरिक मौजूद रहे। खेती कर खुशहाली लौटाने की लोककथा आदिवासी अंचल में राजा पेमल शाह की वीरगाथा आज भी प्रचलित है। लोककथाओं के अनुसार, भुखमरी के दौर में उन्होंने खुद खेती कर राज्य में खुशहाली लौटाई थी। नाट्य प्रस्तुति का उद्देश्य उनकी वीरता और ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
