हरदा जिला अस्पताल में जन्मी नवजात बच्ची को दो महिलाएं अस्पताल से करीब 100 मीटर दूर नाली किनारे छोड़ गईं। शुक्रवार को सामने आए CCTV फुटेज में एक महिला बच्ची को जमीन पर रखती, जबकि दूसरी आसपास नजर रखती दिखी। बच्ची को छोड़ने वाली महिला की पहचान साइन बी तय्यब के रूप में बताई जा रही है। वह सिराली की रहने वाली है। गुरुवार शाम करीब 6 बजे बच्ची के रोने की आवाज सुनकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बच्ची जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती है। जन्म के 8-9 घंटे बाद नाली किनारे मिली बच्ची जांच में सामने आया कि बच्ची का जन्म गुरुवार सुबह करीब 10:20 बजे हरदा जिला अस्पताल में हुआ था। करीब 8-9 घंटे बाद वह अस्पताल के पास नाली किनारे मिली। डॉक्टरों के मुताबिक, उसका वजन करीब 2 किलो 200 ग्राम है और हालत स्थिर है। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर लोगों ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जिला अस्पताल ले गई। फिलहाल बच्ची डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में है। एक महिला ने दूसरी की गोद से बच्ची लेकर बाइकों के पीछे रखा बच्ची मिलने के बाद पुलिस ने अस्पताल और आसपास के CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में दो महिलाएं अस्पताल से निकलकर पैदल बस स्टैंड की ओर जाती दिखीं। दोनों ने चेहरे दुपट्टे से ढंक रखे थे। इनमें से एक ने नारंगी रंग का दुपट्टा ओढ़ रखा था। फुटेज के अनुसार, अस्पताल से करीब 100 मीटर दूर अस्पताल चौक के पास एक महिला ने दूसरी की गोद से बच्ची लेकर दो खड़ी बाइकों की आड़ में रख दिया। इसके बाद दोनों चली गईं। फुटेज में दिख रही महिलाएं बच्ची को अस्पताल से बाहर ले जाने के मामले से जुड़ी हो सकती हैं। अस्पताल के रिकॉर्ड में मां का नाम, मोबाइल नंबर नहीं जांच में सामने आया कि बच्ची की मां ने गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में उसे जन्म दिया था। रिकॉर्ड में मां का नाम और सिराली क्षेत्र का पता दर्ज है, लेकिन मोबाइल नंबर नहीं है। सुबह एक बुजुर्ग महिला बच्ची को एसएनसीयू लेकर आई थी। वह खुद को प्रसूता की मां बता रही थी। उसने अस्पताल में मोबाइल नंबर नहीं दिया। महिला ने बारिश के कारण आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज पानी में भीगकर खराब होने की बात कही थी। मां के पास ले जाने की बात कहकर बच्ची को ले गई इसके बाद वह बच्ची को उसकी मां के पास ले जाने की बात कहकर चली गई। मां और परिजन के जच्चा-बच्चा वार्ड में नहीं मिलने पर अस्पताल प्रबंधन ने रिकॉर्ड की जांच शुरू की। भर्ती और दवाई की पर्चियों के अलावा पुरानी जांच या सोनोग्राफी रिपोर्ट भी नहीं मिली है। इससे परिजन तक पहुंचने में पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को परेशानी हो रही है। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल बच्ची को जहां छोड़ा गया, वहां पास में नाली है और आवारा जानवरों के आने की आशंका रहती है। ऐसे स्थान पर नवजात को छोड़ना उसके लिए गंभीर खतरा बन सकता था। बच्ची के रोने की आवाज समय रहते सुनकर लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। अस्पताल पहुंचने पर बच्ची का शरीर ठंडा था जिला अस्पताल हरदा के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सनी जुनेजा ने बताया- बच्ची को रात में अस्पताल लाया गया था। उसका वजन 2 किलो 200 ग्राम था। बच्ची की हालत देखकर लग रहा था कि उसका जन्म हाल ही में हुआ है। अस्पताल पहुंचने पर उसका शरीर ठंडा था। सांस लेने में भी थोड़ी परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों ने रातभर बच्ची की देखभाल की, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ है। अब उसे दूध पिलाना शुरू किया जाएगा। संक्रमण या किसी अन्य बीमारी की आशंका को देखते हुए जरूरी जांचें भी कराई जा रही हैं। फिलहाल बच्चे की स्थिति ठीक है। पुलिस कर रही परिजन की तलाश सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रोशनलाल भारती ने बताया- डायल-112 पर लावारिस बच्ची की सूचना मिलने के बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अस्पताल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है। परिजन का पता लगाने के लिए जांच जारी है। ……………………… यह खबर भी पढ़ें… हरदा जिला अस्पताल के पास नाली किनारे मिली नवजात हरदा में गुरुवार शाम करीब सात बजे जिला अस्पताल से 100 मीटर दूर अस्पताल चौक पर एक नवजात बच्ची लावारिस मिली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर राहगीरों और आसपास के लोगों ने पुलिस को 112 पर सूचना दी। पूरी खबर पढ़िए…
