मध्य प्रदेश और राजस्थान के बॉर्डर पर बाइक से ड्रग्स डिलीवरी की जा रही है। सरगना स्मैक का नशा करने वालों को ही तस्कर के रूप में उपयोग कर रहे हैं। यहां तक कि आरोपियों ने स्मैक खरीदने के लिए बाइक तक गिरवी रख दी। सागर में ड्रग्स के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सरगना राजस्थान का रहने वाला है। दो आरोपियाें की तलाश है। इनमें एक राजस्थान और दूसरा देवरी का रहने वाला है। दैनिक भास्कर ने स्मैक तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल की। पढ़िए रिपोर्ट… राजस्थान से स्मैक खरीदकर लाए युवक सागर जिले के देवरी में स्मैक का नेटवर्क की बातें लगातार सामने आती रही हैं। देवरी पुलिस को क्षेत्र में स्मैक की सप्लाई होने की शिकायतें मिल रही थीं। 4 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि रामघाट तिराहा, रहली रोड पर रजौला पेट्रोल पंप के पास कुछ संदिग्ध हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दिनेश साहू और छोटू उर्फ तिलक यादव को हिरासत में लिया। तलाशी में उनके पास से 15-15 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। थाने में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे राजस्थान के झालावाड़ से स्मैक खरीद कर लाए थे। इसके बाद पुलिस ने सप्लाई के स्रोत और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाना शुरू किया। पूछताछ में राजस्थान के सुरेश और उमेश के नाम सामने आए। बाइक गिरवी रखकर जुटाए थे पैसे देवरी थाना प्रभारी कपिल लाक्षाकार के मुताबिक, दिनेश और छोटू उर्फ तिलक स्मैक का नशा करते थे। पूछताछ में सामने आया कि दोनों अपने इस्तेमाल के साथ देवरी के छीर निवासी राकेश लोधी के लिए भी स्मैक खरीदने गए थे। पुलिस के अनुसार, स्मैक खरीदने के लिए राकेश ने 10 हजार रुपए दिए थे। छोटू ने अपनी बाइक गिरवी रखकर 10 हजार, जबकि दिनेश ने अपनी बाइक गिरवी रखकर 15 हजार रुपए जुटाए। बस से झालावाड़ पहुंचे, बॉर्डर पर बाइक से रिसीव किया पूछताछ में सामने आया कि दिनेश 2 अक्टूबर को बस से झालावाड़ के लिए रवाना हुआ था। इस दौरान उसकी फोन पर सुरेश से लगातार बातचीत हो रही थी। सुरेश ने उसे झालावाड़ के घाटोली-दुर्जनपुर क्षेत्र में पहुंचने के लिए कहा था। 3 अक्टूबर को दिनेश वहां पहुंचा तो सुरेश और उमेश बाइक लेकर बॉर्डर के पास मौजूद थे। दोनों दिनेश को बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद उसे जंगल में पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक, इस तरीके से आरोपी खरीद-बिक्री की जगह को सुनसान रखते थे, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। जंगल में 30 हजार रुपए में खरीदी स्मैक पुलिस के मुताबिक, जंगल में सुरेश दिनेश के साथ रुका रहा, जबकि उमेश स्मैक लेने के लिए वहां से चला गया। कुछ देर बाद उमेश लौटा और स्मैक के दो पैकेट दिनेश को दिए। दोनों पैकेट में कुल 30 ग्राम स्मैक थी, जिसे 30 हजार रुपए में खरीदा गया। सौदा होने के बाद सुरेश और उमेश दिनेश को बाइक से वापस बॉर्डर तक छोड़ आए। इसके बाद दिनेश बस में बैठकर सागर के लिए रवाना हो गया। रास्ते में चाय पीने के लिए उतरने के दौरान उसकी बस छूट गई, जिसके बाद वह दूसरे वाहन से देवरी पहुंचा। देवरी में स्मैक का बंटवारा, तभी पुलिस ने पकड़ा देवरी पहुंचने के बाद दिनेश और छोटू उर्फ तिलक रजौला पेट्रोल पंप के पास मिले। पुलिस के मुताबिक, यहां स्मैक का बंटवारा किया गया। दिनेश ने छोटू को 15 ग्राम स्मैक का पैकेट दिया। इसके बाद दोनों राकेश लोधी को उसके हिस्से की स्मैक देने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में दोनों के पास से 15-15 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने माल जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूछताछ में राजस्थान से सप्लाई के नेटवर्क की जानकारी सामने आई। खुद नशा करते थे, पुड़िया बनाकर बेचते थे पुलिस के मुताबिक, दिनेश और छोटू उर्फ तिलक स्मैक का सेवन करने के साथ इसे बेचते भी थे। वे स्मैक को एक-एक ग्राम की पुड़ियों में बांटकर बेचते थे। एक ग्राम की पुड़िया की कीमत 150 से 200 रुपए तक बताई गई है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस देवरी में स्मैक खरीदने वालों और इसे आगे बेचने वालों की पहचान करने में जुटी है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि राजस्थान से लाई जा रही स्मैक देवरी में किन लोगों तक पहुंच रही थी? इसके पीछे कितने लोग सक्रिय हैं? राजस्थान में दबिश, उमेश गिरफ्तार; सुरेश और राकेश फरार पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान में दबिश दी। कार्रवाई में झालावाड़ क्षेत्र के उमेश को गिरफ्तार किया गया। उसे सागर लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में सुरेश और देवरी के छीर निवासी राकेश उर्फ भजिया लोधी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। जांच में कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया- देवरी में स्मैक सप्लाई की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में तस्करी के तार राजस्थान के झालावाड़ से जुड़े मिले हैं। कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
