भिंड के चर्चित नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता मिश्रा हत्याकांड में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार जब्त कर ली है। आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव ने कॉलेज में छात्रों को प्रवेश दिलाने वाले एडमिशन एजेंट दीपक बादल से यह कार ग्वालियर से मंगवाई थी। पूछताछ के बाद पुलिस सोमवार को आरोपी को पचनदा ले गई, जहां यमुना नदी के पुल से शव फेंकने की घटना का क्राइम रीक्रिएशन कराया गया। अब पुलिस कार की एफएसएल और फिंगरप्रिंट जांच कराकर मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाएगी। कमीशन के लेन-देन से बढ़ी थी नजदीकी
पुलिस पूछताछ के मुताबिक, सत्यप्रकाश जामना रोड स्थित मां गायत्री देवी कॉलेज के प्रबंधन का काम संभालता था। कॉलेज में बिहार के छात्रों को प्रवेश दिलाने वाले एडमिशन एजेंट दीपक बादल से उसकी नजदीकी थी। आरोपी ने बताया कि प्रवेश के बदले मिलने वाले कमीशन के लेन-देन के कारण दोनों के बीच संपर्क बढ़ा था। जब भी उसे कहीं घूमने जाना होता था, वह दीपक से कार मंगवा लेता था। वारदात के कुछ दिन पहले वो खाटू श्याम के दर्शन के लिए परिवार के साथ जाने के दौरान भी उसने इसी कार का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने MP 07 ZY 0159 नंबर की कार जब्त की है। कानपुर जाने का कहकर साथ ले गया
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह स्नेहलता को अपने जीवन से हटाना और बच्चे को अपने पास रखना चाहता था, लेकिन स्नेहलता इसके लिए राजी नहीं थी। इसके बाद उसने अपने परिचित राजवीर खन्ना, जो 108 एंबुलेंस ड्राइवर है, और गोलू जाटव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोपी के मुताबिक, उसने कॉलेज में छात्रों के प्रवेश के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में कानपुर जाने का झांसा देकर स्नेहलता को साथ चलने के लिए तैयार किया। दोनों साथियों को भी साथ ले जाने की बात कही थी। गला कसकर हत्या की, रात 3 बजे नदी में फेंका शव
आरोपी के बताए घटनाक्रम के अनुसार, रास्ते में पहले स्नेहलता पर हमला किया गया। इसके बाद गमछे से गला कसकर उसकी हत्या की गई, जिसमें उसके दोनों साथियों ने भी सहयोग किया। वारदात के बाद तीनों कार से घूमते रहे। रात करीब 3 बजे सुनसान सड़क पर पचनदा के पास यमुना नदी के पुल से शव नीचे फेंक दिया। आरोपी ने बताया कि अगले दिन कार ग्वालियर भेज दी गई और तीनों अपने-अपने घर चले गए। किसी ने घटना के बारे में किसी को जानकारी नहीं दी। कार की जांच से जुटाए जाएंगे साक्ष्य
कोतवाली पुलिस कार की एफएसएल जांच कराने के साथ फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद लेगी। कार को फिंगरप्रिंट जांच के लिए सागर भेजने की भी तैयारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है। थाना प्रभारी अनीता गुर्जर के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली है कि शव फेंकते समय आरोपी ने अपना मोबाइल भी नदी में फेंक दिया था। पुलिस स्नेहलता के शव की तलाश में जुटी है। इसके लिए भोपाल से विशेषज्ञ टीम बुलाने की तैयारी की जा रही है, जो नदी में उतरकर तलाश अभियान में मदद करेगी।
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बच्चे को अपने पास रखना चाहती थी महिला भिंड में नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या के मामले में आठ दिन बाद भी उसका शव नहीं मिला है। पुलिस के मुताबिक, लिव-इन पार्टनर सत्यप्रकाश ने हत्या की बात स्वीकार की है। आरोप है कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर स्नेहलता की हत्या की और शव चंबल-यमुना के संगम वाले पचनद क्षेत्र में फेंक दिया। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस टीमें नदी में शव की तलाश कर रही हैं। पूरी खबर पढ़िए… नर्सिंग ऑफिसर को मारकर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका भिंड की नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता को 50 किलोमीटर दूर ले जाकर गला दबाकर तड़पाया, फिर हत्या कर दी। इसके बाद शव उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पांच नदियों के संगम पचनदा में फेंक दिया। आरोपी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखाई। पूछताछ में आरोपी सत्यप्रकाश ने कहा- मैंने स्नेहलता की हत्या की है। पूरी खबर पढ़ें…
