Homeमध्यप्रदेशएक्शन प्लान तैयार:भोपाल में 4 बड़े डेंजर स्पॉट: गोलखेड़ी, लांबाखेड़ा और चिरायु...

एक्शन प्लान तैयार:भोपाल में 4 बड़े डेंजर स्पॉट: गोलखेड़ी, लांबाखेड़ा और चिरायु अस्पताल के सामने सबसे ज्यादा जोखिम

भोपाल और इसके आसपास स्टेट हाईवे पर सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। सड़कों पर लगातार हो रहे हादसों और मौतों को रोकने के लिए मप्र रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) और आईआईटी मद्रास के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी ने एक्शन प्लान तैयार किया है। संजया क्रैश-एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म के आधिकारिक डेटा विश्लेषण में भोपाल जिले के 4 प्रमुख स्पॉट सबसे ज्यादा संवेदनशील पाए गए हैं। इनमें भोपाल ग्रामीण के 3 बड़े ब्लैक स्पॉट गोलखेड़ी तिराहा, दुर्गा मंदिर तिराहा (लांबाखेड़ा) और चोपड़ा कलां पेट्रोल पंप के पास शामिल हैं। भोपाल शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा जोखिम वाला प्वाइंट संत हिरदाराम नगर–कोलूखेड़ी मार्ग पर चिरायु मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के सामने का हिस्सा चिह्नित किया गया है। इन सभी जगहों के लिए आईआईटी मद्रास ने फील्ड सर्वे के बाद एमपीआरडीसी को विस्तृत ऑडिट और इंटरवेंशन रिपोर्ट सौंप दी है। इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने टीम के साथ बैठक की। भोपाल-देवास मार्ग: 11 जंक्शनों का होगा री-डिजाइन भोपाल से देवास और इंदौर जाने वाले व्यस्त हाईवे पर हादसों की मुख्य वजह बेतरतीब जंक्शन (तिराहे-चौराहे) हैं। आईआईटी मद्रास की टीम ने भोपाल–देवास मार्ग के 11 प्रमुख जंक्शनों का ऑडिट किया है। 10 अलग-अलग जंक्शन री-डिजाइन प्लान तैयार किए हैं। सीधा फायदा: चिरायु अस्पताल भोपाल, बालाजी इंटरनेशनल स्कूल बैतूल और सरकारी अस्पताल उमरानाला, छिंदवाड़ा जैसे भारी आवाजाही वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक कैल्मिंग तकनीक, पेवमेंट मार्किंग और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव रोड स्टड (कैट्स आई) लगाए जाएंगे। गोलखेड़ी तिराहा (भोपाल-बैरसिया रोड): यहां अत्यधिक ट्रैफिक दबाव और क्रॉसिंग के खतरे को देखते हुए नया ट्रैफिक सिग्नल लगाने की सिफारिश की है। मप्र में बीते तीन सालों में हादसे उम्मीद की किरण: 2024 की तुलना में 2025 में कुल हादसों और मौतों के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि दुर्घटनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा दोपहिया वाहनों का है। ट्रकों व लॉरियों से जुड़े हादसों का ग्राफ भी बढ़ा है। 140 अफसरों को ट्रेनिंग, 28 जिलों में नोडल अधिकारी तैनात सड़कों की कमियां दूर करने के लिए 43 जिलों के 140 से ज्यादा कार्यपालन यंत्री (ईई) और वरिष्ठ अधिकारियों को भोपाल, इंदौर और जबलपुर में रोड सेफ्टी ऑडिट, संजया एप और ट्रॉमा केयर की स्पेशल ट्रेनिंग दी जा चुकी है। 28 जिलों ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। ये अपने-अपने क्षेत्र में ब्लैक स्पॉट सुधार की सीधी मॉनिटरिंग करेंगे।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here