साइबर ठगी के पीड़ितों को अपनी ही रकम वापस लेने के लिए अब 1000 रुपए के बजाय सिर्फ 100 रुपए का क्षतिपूर्ति बॉन्ड भरना होगा। गृह विभाग ने स्टाम्प शुल्क में 90% की कटौती की है। दैनिक भास्कर ने 26 अगस्त 2026 को इस विसंगति को उजागर किया था। इसके बाद राज्य साइबर पुलिस के प्रस्ताव पर गृह विभाग ने शुल्क घटाने का फैसला लिया। भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि साइबर ठगी में किसी व्यक्ति के 500 या 800 रुपए भी होल्ड हो जाएं तो उन्हें वापस पाने के लिए 1000 रुपए का क्षतिपूर्ति बॉन्ड भरना पड़ता था। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन से रिफंड प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन मध्यप्रदेश में इंडियन स्टाम्प एक्ट-1899 के तहत यह शुल्क लागू था। राजस्थान में यही बॉन्ड 200 रुपए का था। छोटी रकम के पीड़ितों को मिलेगी राहत… स्टाम्प व नोटरी के खर्च के कारण छोटी रकम की ठगी के पीड़ित रिफंड का दावा नहीं करते थे। अब शुल्क घटने से खर्च कम होगा। यह व्यवस्था ठगों के खातों में होल्ड राशि वापस लेने के लिए है। ऐसे वापस पाएं होल्ड रकम
