राजधानी में लूट और झपटमारी की वारदाताों में कुछ समय में इजाफा हुआ है। सिर्फ वारदातें ही नहीं, लुटेरों का पैटर्न भी बदल रहा है। अब तक ज्यादातर वारदातों में लुटेरे पावरफुल इंजन वाली बाइकों का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन अब बदमाश भीड़ को चकमा देने के लिए बिना गियर वाले स्कूटर (स्कूटी) का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले दिनों में हुई 7 वारदातों में से 4 में बदमाशों ने स्कूटी का इस्तेमाल किया। कई घटनाएं ऐसी हुईं, जिनमें बदमाशों ने चलती स्कूटी से हमला किया, लेकिन लूट में सफल नहीं हो सके। बस स्टॉप जाते समय पीछे से आए बदमाश: ताजा मामला अशोका गार्डन का है। थाना प्रभारी अनुराग लाल के मुताबिक, अशोक विहार निवासी प्रदीप यादव मंडीदीप की एक फैक्टरी में जूनियर इंजीनियर हैं। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे वे पैदल प्रभात चौराहा बस स्टॉप जा रहे थे। सब्जी मंडी चौराहे के पास पीछे से स्कूटी पर आए दो अज्ञात बदमाश उनका मोबाइल झपटकर प्रभात चौराहे की तरफ भाग निकले। यादव स्कूटी का नंबर नहीं देख सके। पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ झपटमारी का मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए हैं। इन वारदातों ने बढ़ाई चिंता… कहीं मोबाइल-चेन झपटी, कहीं पर्स लेकर भागे नंबर छिपाकर चकमा दे रहे… इन वारदातों में जो वाहन उपयोग किए जा रहे हैं, उनमें से ज्यादातर में या तो नंबर नहीं लिखे होते हैं, या इन्हें जानबूझकर छिपा दिया जाता है। अभी कुछ दिनों से पुलिस की चेकिंग भी धीमी है। लुटेरे इसका फायदा उठा रहे हैं। पुलिस की टीमें सीसीटीवी से फुटेज भी निकाल रही हैं तो भी वाहन का पता नहीं लग पा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। आरोपियों का सुराग लगा है। जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा। -संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर
