भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल रविवार को बड़वानी जिला मुख्यालय पहुंचे। यह उनका पहला दौरा था। संगठन की बैठक में उन्होंने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को अहंकार से दूर रहने की सीख के साथ पुराने दौर की भाजपा याद दिलाई। खंडेलवाल ने कहा कि आज कोई अध्यक्ष, मंत्री या विधायक है, लेकिन यह पद हमेशा उसके पास नहीं रहेगा। पद मिलने से पहले भी जीवन था और पद के बाद भी रहेगा। इसलिए पद को स्थायी मानकर अहंकार नहीं करना चाहिए। खंडेलवाल ने कहा कि वह पद पर रहें या न रहें, हमेशा कार्यकर्ता रहेंगे। उन्होंने पार्टी के संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक समय मंडल स्तर पर दो कार्यकर्ता मिलना भी मुश्किल था। आज पार्टी की मेहनत से हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम है। यह सफलता पुराने कार्यकर्ताओं की तपस्या का नतीजा है। उनके त्याग और योगदान को भुलाने पर पार्टी अपनी मूल दिशा से भटक सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी भी आज के कार्यकर्ताओं को याद करेगी, जब उसे सुरक्षित, आतंकवाद मुक्त और खुशहाल भारत मिलेगा। कार्यकर्ताओं के बताया असली ताकत खंडेलवाल ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं। बूथ मजबूत होने से चुनाव जीतने का रास्ता आसान होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत कर हर चुनाव में जीत का संकल्प लेने की अपील की। दौरे के दौरान खंडेलवाल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की। उन्होंंने जिले की चारों विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा। 50 मेडिकल कॉलेज और बनेंगे मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 50 मेडिकल कॉलेज बनेंगे और 400 लोगों पर एक डॉक्टर होगा। भाजपा संगठन को और मजबूत करने के लिए लगातार जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को सुरक्षित और आतंकवाद मुक्त बनाने वाली विचारधारा के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आने वाली पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार की तरह सम्मान देगी। कांग्रेस पर लगाए आरोप उन्होंने कांग्रेस पर 70 साल में कुछ न करने का आरोप लगाया। खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबके बारे में सोचा, घर और फसल बीमा दिया। उन्होंने 2060 तक भारत के चीन और अमेरिका से आगे निकलने की बात कही। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस इस समय नेतृत्व संकट, गुटबाजी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। पार्टी के नेता जनता के मुद्दों को उठाने के बजाय आपसी वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हुए हैं, जिससे संगठन कमजोर और दिशाहीन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच लंबे समय से नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब संगठन के हर स्तर पर दिखाई देने लगा है। इसका असर कार्यकर्ताओं पर भी पड़ रहा है और पार्टी के भीतर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। एसआईआर को बताया सामान्य प्रक्रिया उन्होंने कहा कि एसआईआर एक सामान्य प्रक्रिया है। देश की आजादी के बाद कई बार यह प्रक्रिया हुई है। चाहे किसी भी दल की सरकार हो सही व्यक्ति को वोट का अधिकार मिले। कोई गलत व्यक्ति वोट ना दे पाए। चुनाव आयोग की इस पहल का हम स्वागत करते हैं। सभी दल को इस प्रक्रिया का स्वागत करना चाहिए। साथ ही सभी लोगों को इस प्रक्रिया में भाग लेकर लोकतंत्र को मजबूत करना चाहिए।
