मप्र में जून-जुलाई 2027 में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में आंशिक ई-वोटिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी है। मप्र राज्य निर्वाचन आयोग जरूरतमंदों के लिए इस सिस्टम को लागू करने पर काम कर रहा है। यानी बूथ पर आए बिना ही अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर या लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन मतदान किया जा सकेगा। आयोग की आईटी सेल इसके लिए तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार कर रही है। बिहार के बाद मप्र देश का दूसरा राज्य होगा, जो स्थानीय चुनावों में मतदान प्रणाली में ई-वोटिंग को अपनाने जा रहा है। पोर्टल पर प्री रजिस्ट्रेशन कराने पर मिलेगा अधिकार ऑनलाइन वोटिंग का फायदा किन्हें?
– दिव्यांग, अस्पताल में भर्ती मरीज, 90 वर्ष से अधिक बुजुर्ग, बाहर अध्ययनरत विद्यार्थी, प्रवासी मजदूर, मतदानकर्मी, सेना-पुलिस और आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी पात्र होंगे। यानी पोस्टल बैलेट को खत्म करने की तैयारी है। कैसे कर सकेंगे ऑनलाइन मतदान?
-चुनाव अधिसूचना जारी होने पर विशेष पोर्टल पर प्री-रजिस्ट्रेशन कराना होगा। डिजिटल सत्यापन के बाद यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी से ऑनलाइन वोट डाल सकेंगे। ई-वोटिंग का पायलट टेस्ट कब होगा?
– मुख्य चुनाव से छह माह पहले किसी उपचुनाव में पायलट टेस्ट होगा। जनवरी 2027 में सिस्टम लॉन्च करने का लक्ष्य है। कितने पदों के लिए होंगे चुनाव?
-413 नगरीय निकायों और 22,921 ग्राम पंचायतों में चार लाख से अधिक पदों पर चुनाव होंगे। एस्टोनिया की तर्ज पर बना रहे सिस्टम… यूरोप के एस्टोनिया में 20 साल से लगातार ई-वोटिंग सिस्टम लागू है। उसी तर्ज पर मप्र में पार्शियल ई-वोटिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। जो सिर्फ उन जरूरतमंद वोटर्स को दिया जाएगा, जो किसी कारण से बूथ पर आकर मतदान करने में असमर्थ होते हैं या जिनके लिए वोट डालने आना काफी महंगा साबित होता है। -मनोज श्रीवास्तव,आयुक्त,राज्य निर्वाचन आयोग
