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एमपी में होलिका दहन शुरू:गोकाष्ठ को प्राथमिकता, भगवान महाकाल को सबसे पहले लगाया गया गुलाल

पूरे प्रदेशभर में होलिका दहन शुरू हो गया है। सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाकर होली की शुरुआत की गई है।
इस वर्ष भी होली पर्व को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। राजधानी में शहर में 1500 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन प्रस्तावित है। नगर निगम और प्रशासन की निगरानी में विभिन्न वार्डों में व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। कई इलाकों में परंपरानुसार निर्धारित मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया जाएगा, जबकि प्रमुख स्थानों पर देर रात शुभ समय में अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। प्रमुख क्षेत्रों में चल समारोह की तैयारी
इस के अवसर पर शहर के पुराने और नए इलाकों में 4 मार्च के जुलूस निकलेंगे। दयानंद चौक, जुमेराती, करोद, कोलार, संत नगर और भेल क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर रंग-गुलाल के कार्यक्रम आयोजित होंगे। हिंदू उत्सव समिति द्वारा दयानंद चौक से पारंपरिक होली चल समारोह निकाला जाएगा, जिसमें राधा-कृष्ण और भोलेनाथ की आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। सामाजिक समरसता के कार्यक्रम भी
कई वार्डों में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समितियों द्वारा सर्वधर्म सहभागिता के साथ होलिका दहन की तैयारी की जा रही है। बीते वर्षों की तरह इस बार भी विभिन्न समुदायों की सहभागिता से सामाजिक सद्भाव का संदेश देने की पहल की जाएगी। धुलेंडी पर विशेष शृंगार और भस्म आरती महाकाल मंदिर में धुलेंडी का पर्व मंगलवार को ही मनाया जाएगा। इस दौरान तड़के सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान का भांग और चंदन से विशेष शृंगार किया जाएगा। ग्रहण के दौरान विशेष नियम ग्रहण के सूतक काल में मंदिर के पट खुले रहेंगे, लेकिन नियमित भोग नहीं लगाया जाएगा। भगवान को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर की शुद्धि कर पूजा-अर्चना और आरती की जाएगी। भोपाल में विशेष अलर्ट जारी, पुलिस-प्रशासन सतर्क
राजधानी समेत पूरे प्रदेश में होलिका दहन और होली उत्सव को लेकर पुलिस और प्रशासन दोनों अलर्ट हैं। प्रशासन ने उत्सव को लेकर अलग से कोई फोन नंबर जारी नहीं किया है। कोई भी अप्रिय स्थिति में पुलिस, डायल 112, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड तुरंत तैयार रहेगी।
भोपाल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 1500 से अधिक जवान शहर की सड़कों पर तैनात रहेंगे। 2 और 4 मार्च को शहर के आंतरिक क्षेत्रों में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुराने शहर में विशेष ट्रैफिक डायवर्सन लागू रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर पुराने शहर के मुख्य मार्गों (जैसे जुमेराती, घोड़ा नक्कास, मंगलवारा) पर होली का मुख्य जुलूस निकलेगा। पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि होलिका दहन केवल पहले से तय पारंपरिक स्थानों पर ही होगा। किसी भी नए या विवादित स्थान पर अनुमति नहीं दी जाएगी ये खबर भी पढ़ें… 2 मार्च की रात पूर्णिमा तिथि रहेगी प्रभावी विद्वानों ने बताया कि 2 मार्च की रात में पूर्णिमा तिथि पूरी रात विद्यमान रहेगी। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन का कर्मकाल रात्रिकालीन होता है और पूर्णिमा तिथि में किया गया दहन ही श्रेष्ठ माना गया है। धर्म सिंधु और निर्णय सिंधु जैसे ग्रंथों का उल्लेख करते हुए विद्वानों ने स्पष्ट किया कि प्रतिपदा तिथि में होलिका दहन नहीं किया जाना चाहिए। चाहे भद्रा पुच्छकाल ही क्यों न हो, प्रतिपदा में किया गया दहन शास्त्र सम्मत नहीं माना जाता।पढे़ पूरी खबर

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